सलूणी के 14 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर लटके ताले, खोलने वाला कोई नहीं

सरकार का ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य केंद्र खोलने का उद्देश्य लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएँ गांव के नजदीक उपलब्ध करवाना जिला चंबा में स्वास...

सलूणी के 14 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर लटके ताले, खोलने वाला कोई नहीं

सलूणी के 14 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर लटके ताले, खोलने वाला कोई नहीं

सरकार का ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य केंद्र खोलने का उद्देश्य लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएँ गांव के नजदीक उपलब्ध करवाना

जिला चंबा में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से चरमरा गई हैं। चंबा के विकास खंड सलूणी में 14 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर वर्षों से ताले लटके हुए हैं। इन तालों को खोलने के लिए स्टाफ ही नहीं हैं। इसका सीधा असर ग्रामीण जनता पर पड़ रहा है, जिन्हें छोटी-मोटी बीमारियों की दवा लेने या इलाज कराने के लिए 10 से 20 किलोमीटर दूर नागरिक अस्पताल किहार या सलूणी जाना पड़ता है। खासकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण में सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। सरकार का ग्रामीण इलाकों में इन स्वास्थ्य केंद्रों को खोलने का उद्देश्य था कि लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं उनके गांव के नजदीक मिल सकें, लेकिन स्टाफ की अनुपलब्धता के कारण यह मकसद अधूरा रह गया है। स्वास्थ्य उपकेंद्र आयल, पंझेई, दियोतनार, गुलेल, डांड, भांदल, प्रियुंगल, किलोड़, बिहाली, दरेकड़ी, तेलका, करवाल, हिंग और करेंऊ में वर्षों से ताले लटके हैं।

सरकार ने इन केंद्रों के लिए भवन तो बना दिए, लेकिन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की नियुक्ति करना भूल गई 

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार ने इन केंद्रों के लिए भवन तो बना दिए, लेकिन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की नियुक्ति नहीं की गई, जिससे ये सुविधाएं ठप पड़ी हैं। लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द इन केंद्रों में स्टाफ की तैनाती की जाए, ताकि ग्रामीण जनता को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर न जाना पड़े। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंबा डॉ. बिपन ठाकुर ने बताया कि स्वास्थ्य उपकेंद्रों में स्टाफ की कमी को लेकर सरकार को सूचना भेजी जा चुकी है। जल्द ही इन पदों पर नियुक्तियां होने की उम्मीद है, जिससे ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो सकेंगी।

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