चंबा की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग बेटी से यौन अपराध के मामले में दोषी पिता को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अ...
नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के प्रयास में पिता को 20 साल की कठोर कैद, 10 हजार रुपये का जुर्माना भी
चंबा की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग बेटी से यौन अपराध के मामले में दोषी पिता को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने 19 गवाहों और अभियोजन द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया।
विशेष न्यायाधीश चंबा अनुजा सूद की अदालत ने नाबालिग से यौन अपराध के मामले में दोषी पिता को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे दो माह का साधारण कारावास अतिरिक्त भुगतना होगा। संयुक्त निदेशक अभियोजन चंबा दिग्विजय सिंह राणा ने बताया कि यह मामला 31 मार्च 2023 को दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार 27 मार्च 2023 की रात को आरोपी ने अपने घर में नशे की हालत में अपनी नाबालिग पुत्री के साथ यौन उत्पीड़न किया। पीड़ित ने अगले दिन घटना की जानकारी अपनी सौतेली मां को दी। बाद में घर जाते समय उसने एक महिला को पूरी घटना बताई, जिसके बाद मामले की सूचना आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को दी गई। इसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपों के समर्थन में 19 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज कराए। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी नरिंदर को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। राज्य की ओर से मामले की पैरवी लोक अभियोजक सोहम कौशल ने की।