हिमाचल प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण आर्थिक कदम उठाते हुए राजस्थान को बिजली बेचने का समझौता किया है, जिससे आगामी चार महीनों में राज्य को 400 करोड़ रुप...
हिमाचल सरकार राजस्थान को बिजली बेचकर कमाएगी 400 करोड़ रुपये
हिमाचल प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण आर्थिक कदम उठाते हुए राजस्थान को बिजली बेचने का समझौता किया है, जिससे आगामी चार महीनों में राज्य को 400 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चंबा जिले के चुवाड़ी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए इस ऐतिहासिक निर्णय की घोषणा की।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि यह समझौता 15.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली आपूर्ति के लिए किया गया है, जो 1 नवंबर से शुरू होकर फरवरी माह तक जारी रहेगा। यह कदम प्रदेश की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करने और उसे आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार के 'चोर दरवाजे' को बंद करने और राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने केंद्र से 180 मेगावाट की बैरास्यूल जलविद्युत परियोजना के संचालन को लेकर भी चर्चा की है, जिससे राज्य की ऊर्जा उत्पादन क्षमता में और वृद्धि होगी।
यह पहल हिमाचल प्रदेश के लिए अतिरिक्त राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्रोत साबित होगी, जिससे राज्य के विकास कार्यों को गति मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि वह अपने संसाधनों का अधिकतम उपयोग करके प्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के निर्णय राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और जनता के कल्याण के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से हिमाचल प्रदेश जल्द ही एक आत्मनिर्भर राज्य के रूप में उभरेगा।
इस समझौते से प्राप्त होने वाला राजस्व विभिन्न विकास परियोजनाओं और जन कल्याणकारी योजनाओं में लगाया जाएगा, जिससे प्रदेश के हर वर्ग को लाभ मिलेगा। यह कदम राज्य की ऊर्जा नीति और वित्तीय प्रबंधन की दूरदर्शिता को भी दर्शाता है।