मंडी के सरकारी स्कूल में छात्राओं से छेड़छाड़, जेबीटी शिक्षक निलंबित; पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के पद्धर उपमंडल स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में छात्राओं के साथ कथित छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के...

मंडी के सरकारी स्कूल में छात्राओं से छेड़छाड़, जेबीटी शिक्षक निलंबित; पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज

मंडी के सरकारी स्कूल में छात्राओं से छेड़छाड़, जेबीटी शिक्षक निलंबित; पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के पद्धर उपमंडल स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में छात्राओं के साथ कथित छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के बाद शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी जेबीटी (जूनियर बेसिक टीचर) शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए पोक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब गत सप्ताह शिक्षक प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने के लिए निलंबित शिक्षक विद्यालय से बाहर गया था। इस दौरान स्कूल में प्रतिनियुक्ति पर आए एक अन्य शिक्षक को कुछ छात्राओं ने अपने साथ हुए कथित अनुचित व्यवहार के बारे में बताया। छात्राओं की आपबीती सुनने के बाद प्रतिनियुक्ति पर आए शिक्षक ने अभिभावकों को इसकी सूचना दी।

अभिभावकों ने इस गंभीर मामले को चाइल्ड हेल्पलाइन के समक्ष उठाया, जिसके बाद हेल्पलाइन टीम ने तुरंत विद्यालय पहुंचकर छात्राओं और उनके अभिभावकों के बयान दर्ज किए। बयानों के आधार पर पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ पोक्सो एक्ट की धारा 10 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 75 के तहत एफआईआर दर्ज की है।

शिक्षा विभाग ने भी इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने आरोपी शिक्षक को वर्तमान कार्यस्थल से कार्यमुक्त कर दिया है और उसे प्रारंभिक शिक्षा खंड अधिकारी सुंदरनगर-दो के मुख्यालय जैदेवी में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, शिक्षक को 10 दिनों के भीतर अपने आधिकारिक कार्यों, अभिलेखों, रजिस्टरों और विद्यालय की अन्य संपत्ति का प्रभार सक्षम प्राधिकारी के नामित अधिकारी को सौंपने का आदेश दिया गया है।

इस घटना ने सरकारी स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंताएं बढ़ा दी हैं। स्थानीय अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस और शिक्षा विभाग दोनों ही इस मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को उचित दंड मिल सके।

यह घटना दर्शाती है कि शिक्षण संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी और सख्त नियमों का पालन कितना आवश्यक है। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करने और बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के निर्देश जारी किए हैं।