चम्बा जिले के अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों में ग्लूकोज और दवाइयों के लिए लगानी पड़ रही बाजार की दौड़

जिला चम्बा में सरकार की ओर से निशुल्क उपचार के दावे खोखले  मरीजों को ग्लूकोज समेत आवश्यक दवाइयों के लिए बाजार की दौड़ लगानी पड़ रही है। जिले क...

चम्बा जिले के अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों में ग्लूकोज और दवाइयों के लिए लगानी पड़ रही बाजार की दौड़

चम्बा जिले के अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों में ग्लूकोज और दवाइयों के लिए लगानी पड़ रही बाजार की दौड़

जिला चम्बा में सरकार की ओर से निशुल्क उपचार के दावे खोखले 

मरीजों को ग्लूकोज समेत आवश्यक दवाइयों के लिए बाजार की दौड़ लगानी पड़ रही है। जिले के अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों में ग्लूकोज समेत आवश्यक दवाइयों का टोटा है। इससे मरीजों को चिकित्सकों से दवाइयां लिखवाकर महंगे दाम पर बाजार से खरीदनी पड़ रही हैं। वर्तमान समय में सरकारी अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों का न मिल पाना मरीजों का मर्ज बढ़ा रहा है। मेडिकल कॉलेज चंबा के आपातकालीन कक्ष समेत अधिकांश सिविल अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों समेत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों की कमी चल रही है। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में दवाइयां न मिल पाने से सरकार की ओर से निशुल्क उपचार के दावे हवाई होते प्रतीत हो रहे हैं।

जिले के लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री और विभाग से व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग की

मेडिकल कॉलेज चंबा समेत जिले में 46 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और छ: सिविल अस्पताल हैं। इन पर पांच विधानसभा क्षेत्रों भरमौर, भटियात, चुवाड़ी, चंबा और चुराह से पौने पांच लाख की आबादी स्वास्थ्य लाभ के लिए निर्भर है लेकिन स्वास्थ्य संस्थानों में दवाइयां न मिलने से मरीजों को दिक्कत हो रही है। प्रबुद्धजनों राजीव कुमार, योगराज, राकेश कुमार, हाकम चंद, नरेश कुमार आदि ने बताया कि स्वास्थ्य संस्थानों में ग्लूकोज समेत आवश्यक दवाइयों न होने पर मरीजों को बाजार से महंगे दाम पर खरीदनी पड़ रही हैं। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री और विभाग से व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बिपिन ठाकुर ने बताया कि दवाइयों का टेंडर कंपनियों को फरवरी में कर दिया है। जल्द दवाइयों की खेप पहुंचने की उम्मीद है।

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