सुक्खू सरकार के पांचवें बजट की तैयारी शुरू, बदले ढांचे में होगा खर्च का वर्गीकरण

वित्त विभाग ने इसकी प्रक्रिया शुरू करते हुए सभी बजट नियंत्रण अधिकारियों और विभागाध्यक्षों को नए ढांचे के अनुरूप बजट अनुमान तैयार करने के निर्देश जारी...

सुक्खू सरकार के पांचवें बजट की तैयारी शुरू, बदले ढांचे में होगा खर्च का वर्गीकरण

सुक्खू सरकार के पांचवें बजट की तैयारी शुरू, बदले ढांचे में होगा खर्च का वर्गीकरण

वित्त विभाग ने इसकी प्रक्रिया शुरू करते हुए सभी बजट नियंत्रण अधिकारियों और विभागाध्यक्षों को नए ढांचे के अनुरूप बजट अनुमान तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं। प्रधान सचिव देवेश कुमार ने इसके निर्देश जारी किए हैं।

हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार के पांचवें बजट की तैयारी अभी से शुरू हो गई है। वित्तीय वर्ष 2027-28 के लिए पेश होने वाले इस बजट में सरकारी खर्च का वर्गीकरण नए ऑब्जेक्ट हेड ढांचे के तहत किया जाएगा। वित्त विभाग ने इसकी प्रक्रिया शुरू करते हुए सभी बजट नियंत्रण अधिकारियों और विभागाध्यक्षों को नए ढांचे के अनुरूप बजट अनुमान तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं। प्रधान सचिव देवेश कुमार ने इसके निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार का यह पांचवां बजट होगा। सरकार का कार्यकाल दिसंबर 2022 में शुरू हुआ था और आगामी वित्तीय वर्ष 2027-28 का बजट मार्च 2027 तक विधानसभा में पेश किया जाना है। इससे पहले ही वित्त विभाग ने बजट की तैयारी के स्तर पर नए ऑब्जेक्ट हेड लागू करने की कवायद शुरू कर दी है।

वित्त (बजट) विभाग की ओर से जारी कार्यालय आदेश के अनुसार नया ऑब्जेक्ट हेड ढांचा 1 अप्रैल 2027 से प्रभावी होगा। यानी वित्तीय वर्ष 2027-28 के बजट अनुमानों और सरकारी खर्च के लेखांकन में नई व्यवस्था लागू होगी। इसका उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बजट दस्तावेजों में खर्च की विभिन्न मदों के वर्गीकरण में एकरूपता लाना है। यह व्यवस्था भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) के निर्देशों के अनुपालन में अपनाई जा रही है। विभागों को अब आगामी बजट अनुमानों में स्वीकृत नए ऑब्जेक्ट हेड का इस्तेमाल करना होगा। इसके लिए राजस्व व्यय, पूंजीगत व्यय और लेखा समायोजन से संबंधित विभिन्न मदों को अलग-अलग कोड और नाम दिए गए हैं।

नए ढांचे में वेतन के लिए 01, मजदूरी के लिए 02, पेंशनरी प्रभार के लिए 04, चिकित्सा उपचार के लिए 06 और भत्तों के लिए 07 जैसे कोड निर्धारित किए गए हैं। इसी तरह आउटसोर्सिंग सेवाओं के लिए 10, घरेलू यात्रा खर्च के लिए 11, विदेश यात्रा के लिए 12, कार्यालय खर्च के लिए 13, डिजिटल उपकरणों के लिए 19 और व्यावसायिक सेवाओं के लिए 28 कोड तय किए गए हैं। सब्सिडी के लिए 33, छात्रवृत्ति के लिए 34 और पूंजीगत परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए अनुदान के लिए 35 कोड होंगे। पूंजीगत परिसंपत्तियों में वाहनों के लिए 51, मशीनरी के लिए 52, आईसीटी उपकरणों के लिए 71, भवन एवं संरचनाओं के लिए 72 और भूमि के लिए 78 कोड निर्धारित किए गए हैं।

नए ढांचे का असर आगामी बजट तैयार करने की प्रक्रिया पर भी पड़ेगा। विभागों को यह तय करना होगा कि प्रस्तावित खर्च किस ऑब्जेक्ट हेड के तहत आएगा। इससे बजट में विभिन्न मदों पर होने वाले खर्च का वर्गीकरण अधिक स्पष्ट और एकरूप तरीके से किया जा सकेगा। वित्त विभाग ने कार्यालय आदेश की प्रतियां प्रधान महालेखाकार और सभी विभागाध्यक्षों को भेज दी हैं। ऐसे में सुक्खू सरकार के पांचवें बजट की औपचारिक तैयारी शुरू होने से पहले ही विभागों को नए बजट ढांचे के अनुरूप अपने प्रस्ताव तैयार करने होंगे।

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