राजकीय महाविद्यालय चंबा में रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल की ओर से आईक्यूएसी के सहयोग से आयोजित छह दिवसीय ‘रिसर्च मेथोडोलॉजी’ कार्यशाला के दूसरे दिन मंगलवा...
चंबा में शोधार्थियों को सिखाई साहित्य समीक्षा की बारीकियां
राजकीय महाविद्यालय चंबा में रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल की ओर से आईक्यूएसी के सहयोग से आयोजित छह दिवसीय ‘रिसर्च मेथोडोलॉजी’ कार्यशाला के दूसरे दिन मंगलवार को ‘रिव्यू ऑफ लिटरेचर’ विषय पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किया गया। सत्र में असिस्टेंट प्रोफेसर निशा कुमारी ने रिसोर्स पर्सन के रूप में प्रतिभागियों को शोध में साहित्य समीक्षा के महत्व की जानकारी दी। प्रो. निशा कुमारी ने शोध विषय को परिभाषित करने, उपयुक्त की-वड्र्स पहचानने, विभिन्न स्रोतों से साहित्य का चयन करने तथा उनकी प्रासंगिकता, विश्वसनीयता, लेखक, प्रकाशन, शोध पद्धति, प्रमुख निष्कर्ष और सीमाओं के आधार पर समीक्षा करने की जानकारी दी। उन्होंने नोट मेकिंग और लिटरेचर रिव्यू मैट्रिक्स के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इससे विभिन्न अध्ययनों की तुलना करने और रिसर्च गैप की पहचान करने में मदद मिलती है। उन्होंने साहित्य को थीमैटिक, क्रोनोलॉजिकल, ज्योग्राफिकल और मेथोडोलॉजिकल आधार पर वर्गीकृत करने की प्रक्रिया भी समझाई। उन्होंने कहा कि शोध में यह स्पष्ट होना चाहिए कि अब तक क्या अध्ययन किया जा चुका है, क्या कमी रह गई है और आगे किन क्षेत्रों में शोध की आवश्यकता है। सत्र के अंत में विद्यार्थियों ने विषय से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका रिसोर्स पर्सन ने विस्तार से समाधान किया। कार्यशाला संयोजक लेफ्टिनेंट (डा.) केवल कृष्ण ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर चेयरपर्सन प्रो. अविनाश भी मौजूद रहे। सत्र में असिस्टेंट प्रोफेसर निशा कुमारी ने रिसोर्स पर्सन के रूप में प्रतिभागियों को अहम जानकारी दी।