पांच साल से रास्ते की मांग अनसुनी, बीमार मवेशियों को पगडंडियों से ले जाने को मजबूर लोग उपमंडलीय पशु चिकित्सालय सलूणी के लिए आवाजाही हेतु पिछले 5 वर...
पशु अस्पताल का रास्ता बंद, इलाज पर ब्रेक
पांच साल से रास्ते की मांग अनसुनी, बीमार मवेशियों को पगडंडियों से ले जाने को मजबूर लोग
उपमंडलीय पशु चिकित्सालय सलूणी के लिए आवाजाही हेतु पिछले 5 वर्षों से कोई रास्ता नहीं है। इस कारण लोगों को अपने मवेशियों को इलाज करवाने लिए चिकित्सालय पहुंचाने में परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। पशुपालन विभाग द्धारा कई बार स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों व लोकनिर्माण विभाग से रास्ता निर्माण करवाने की मांग की गई है, लेकिन आजतक किसी ने भी समस्या की तरफ ध्यान नहीं दिया है। जानकारी के अनुसार उपमंडलीय पशु चिकित्सालय सलूणी के पास सडक़ से लगती ही अपनी 7 बीघा 10 बिस्वा भूमि थी। जहां से चिकित्सालय के लिए रास्ता भी बना था, लेकिन कुछ वर्ष पहले सरकार ने इसमें 4 बीघा 1 बिस्वा भूमि स्वास्थ्य विभाग के नाम बदल दी।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा 50 बैड के नागरिक अस्पताल सलूणी का निर्माण करवाने से पशु चिकित्सालय का रास्ता हुआ बंद
जहां पर पिछले 5 वर्षों से 50 बैड के नागरिक अस्पताल सलूणी का निर्माण करवाया जा रहा है। इस कारण पशु चिकित्सालय को जाने वाला रास्ता बंद हो गया। और पिछले 5 वर्षों से पशु चिकित्सालय स्टाफ व लोगों को पगडंडियों से होकर जाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग व पंचायत प्रतिनिधियों से जल्द पशु चिकित्सालय के लिए रास्ते का निर्माण करवाकर आवाजाही को सुगम बनाने का आग्रह किया है। उधर पशु चिकित्सालय सलूणी के चीफ फार्मासिस्ट चैन लाल ने बताया कि विभाग द्धारा कई बार लोकनिर्माण विभाग व स्थानीय पंचायत को रास्ता निर्माण करवाने के लिए कहा गया है। मगर किसी ने भी इस तरफ ध्यान नहीं दिया है।