कांगड़ा के प्रसिद्ध श्री ज्वालामुखी मंदिर में श्रद्धालु द्वारा खुद को आग लगाने की घटना के बाद मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी करने की तैयारी...
ज्वालामुखी मंदिर में हुई घटना के बाद सुरक्षा पर फैसला, बैग और पानी की बोतल ले जाने पर लग सकती है रोक
कांगड़ा के प्रसिद्ध श्री ज्वालामुखी मंदिर में श्रद्धालु द्वारा खुद को आग लगाने की घटना के बाद मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी करने की तैयारी शुरू कर दी है। घटना में गंभीर रूप से झुलसे राजस्थान के श्रद्धालु की टांडा मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। अब मंदिर प्रशासन सुरक्षा इंचार्ज से जवाब मांगने के साथ प्रवेश और निकासी मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती पर विचार कर रहा है।
शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में हुई गंभीर घटना के बाद अब मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। श्रद्धालु के खुद को आग लगाने और बाद में उपचार के दौरान उसकी मौत होने की घटना ने मंदिर परिसर में प्रवेश की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर नए सिरे से समीक्षा की जरूरत पैदा कर दी है।
घटना के बाद मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा शुरू कर दी है। मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने सुरक्षा इंचार्ज को कारण बताओ नोटिस जारी कर घटना के संबंध में जवाब मांगा है। उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि मंदिर परिसर में इतनी गंभीर घटना किन परिस्थितियों में हुई और सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद समय रहते इसे क्यों नहीं रोका जा सका।
बैग और पानी की बोतल पर लग सकती है रोक
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मंदिर प्रशासन अब श्रद्धालुओं के सामान को लेकर भी बदलाव की तैयारी में है। प्रस्ताव के तहत श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर के भीतर बैग, पानी की बोतल और अन्य सामान ले जाने की अनुमति नहीं देने पर विचार किया जा रहा है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो श्रद्धालुओं को अपना सामान उसी स्थान पर रखना होगा, जहां वे मंदिर में प्रवेश से पहले जूते-चप्पल उतारते हैं। हालांकि, यह व्यवस्था अभी अंतिम रूप से लागू नहीं हुई है। मंदिर न्यास की आगामी बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद ही इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।