डेढ़ करोड़ के बजट को समाप्त हुए दो माह बीत चुके प्रदेश के इकलौते आकांक्षी जिला चंबा के मेडिकल कॉलेज में दवाइयां खरीदने के लिए आया बजट खत्म हो चुका...
आकांक्षी जिला चंबा में दवाइयां खरीदने के लिए बजट नहीं, मरीज परेशान
डेढ़ करोड़ के बजट को समाप्त हुए दो माह बीत चुके
प्रदेश के इकलौते आकांक्षी जिला चंबा के मेडिकल कॉलेज में दवाइयां खरीदने के लिए आया बजट खत्म हो चुका है। इसकी वजह से मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को मरीजों को जरूरी दवाइयां उपलब्ध करवाना मुश्किल हो रहा है। दवाइयों के बिलों की देनदारी मेडिकल कॉलेज पर बढ़ती जा रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज को डेढ़ करोड़ का बजट मिला था जो अब खत्म हो चुका है। इस बजट को समाप्त हुए दो माह बीत चुके हैं। ऐसे में मेडिकल कॉलेज चंबा में उपचार करवाने के लिए पहुंचने वाले रोगी बाजार से महंगी दवाइयां खरीद कर उपचार करवाने को मजबूर हैं। मेडिकल कॉलेज जिले का एक ऐसा सरकारी स्वास्थ्य संस्थान हैं जहां पर जिले की पौने छह लाख की आबादी चिकित्सा सेवाओं के लिए निर्भर है।
हिमाचल सरकार हर वर्ष मेडिकल कॉलेज चंबा को डेढ़ करोड़ रुपये का बजट करवाती है मुहैया, जो ऊंट के मुंह में जीरे के समान
दिखाने के लिए मेडिकल कॉलेज परिसर में सस्ती दरों पर दवाइयां मुहैया करवाने के लिए एक जेनरिक दवा केंद्र भी संचालित है लेकिन वहां भी दवाइयों की भारी कमी चल रही है। मेडिकल कॉलेज चंबा में रोजाना एक हजार की ओपीडी रहती है जबकि मेडिकल कॉलेज के विभिन्न वार्डों में 300 से अधिक रोगी उपचाराधीन हैं। रोगियों को बाजार से कम दवाइयां खरीदनी पड़ें, इसके लिए हिमाचल सरकार हर वर्ष मेडिकल कॉलेज चंबा को डेढ़ करोड़ रुपये का बजट मुहैया करवाती है जो कि ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। इसमें सरकार चंबा के साथ सौतेला व्यवहार अपना रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों को सरकार तीन करोड़ का बजट जारी कर रही है तो वहीं चंबा को सबसे कम बजट सरकार की तरफ से दिया जा रहा है। चिकित्सा अधीक्षक अविनाश ने बताया कि मेडिकल कॉलेज चंबा को दवाइयों के लिए डेढ़ करोड़ का वार्षिक बजट सरकार की ओर से मुहैया करवाया जाता है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए जारी बजट खत्म हो चुका है। इसके बारे में उच्चाधिकारियों को पत्र लिख कर वास्तु स्थिति से अवगत करवा दिया गया है। जेनरिक दवा केंद्र में 15 प्रकार की अन्य दवाइयां उपलब्ध करवाने के संदर्भ में प्रभावी कदम उठाए गए हैं।