तीन किलो सोना, छह क्विंटल चांदी से सजेगा मां चामुंडा का दरबार, दुबई से आएगी स्वर्ण रजत सामग्री

मंदिर के कायाकल्प और सौंदर्यीकरण का काम इन दिनों तेजी से चल रहा है। गुंबदों की फिनिशिंग के साथ दीवारों पर मार्बल लगाने का काम जारी है। दीवारों और दरवा...

तीन किलो सोना, छह क्विंटल चांदी से सजेगा मां चामुंडा का दरबार, दुबई से आएगी स्वर्ण रजत सामग्री

तीन किलो सोना, छह क्विंटल चांदी से सजेगा मां चामुंडा का दरबार, दुबई से आएगी स्वर्ण रजत सामग्री

मंदिर के कायाकल्प और सौंदर्यीकरण का काम इन दिनों तेजी से चल रहा है। गुंबदों की फिनिशिंग के साथ दीवारों पर मार्बल लगाने का काम जारी है। दीवारों और दरवाजों तक मार्बल लगाने का काम पूरा हो चुका है। शक्तिपीठ श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम के गर्भगृह का स्वरूप अब और भव्य नजर आएगा। मंदिर के गर्भगृह को तीन किलो सोने और छह क्विंटल चांदी की सामग्री से सजाने की तैयारी है। लुधियाना के एक दानी श्रद्धालु की ओर से इसके लिए सोना और चांदी उपलब्ध करवाया जाएगा। यह सामग्री दुबई से मंगवाई जाएगी। गर्भगृह की दीवारों, छत और अन्य हिस्सों को वियतनाम के विशेष मार्बल से संवारा जा रहा है। मंदिर के कायाकल्प और सौंदर्यीकरण का काम इन दिनों तेजी से चल रहा है। गुंबदों की फिनिशिंग के साथ दीवारों पर मार्बल लगाने का काम जारी है। दीवारों और दरवाजों तक मार्बल लगाने का काम पूरा हो चुका है। गर्भगृह में एक साथ बैठ सकेंगे 100 श्रद्धालु निर्माण पूरा होने के बाद गर्भगृह में एक समय में करीब 100 श्रद्धालु बैठकर माता के दर्शन कर सकेंगे। मंदिर के तीनों गुंबदों का डिजाइन लोक निर्माण विभाग ने तैयार किया है। गुंबदों का फिनिशिंग कार्य अभी जारी है। गुंबदों पर कलश स्थापित किए जाएंगे। मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार का काम भी चल रहा है। इसके अलावा परिसर में रोशनी की नई व्यवस्था भी की जानी है। यज्ञशाला का निर्माण और माता की रसोई तैयार की जा चुकी है। हनुमान की मूर्ति के पास ग्रेनाइट लगाने का काम भी पूरा हो गया है। श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम के कायाकल्प की योजना तैयार है। गर्भगृह को सजाने के लिए दानी श्रद्धालु ने सोना और चांदी भेंट करने का प्रस्ताव रखा था। मंजूरी के बाद यह सामग्री दुबई से पहुंचेगी। गर्भगृह में वियतनाम से मंगवाया गया मार्बल लगाया जा रहा है। - मोहित रत्न, एसडीएम, धर्मशाला छत से पानी के रिसाव की समस्या के कारण गुंबद का काम पूरा होने में रुकावट आई थी। अब निर्माण और सौंदर्यीकरण का काम चल रहा है। मार्च तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। मंदिर न्यास के अनुसार शेष निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य को मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मंदिर के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने में लुधियाना के दानी श्रद्धालु की अहम भूमिका रही है। मंदिर फंड से पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण निर्माण कार्य की गति प्रभावित हो रही थी। इसके बाद श्रद्धालु ने सहयोग का हाथ बढ़ाया और अपने स्तर पर लेबर उपलब्ध करवाकर निर्माण कार्य को गति दी। मंदिर न्यास के माध्यम से बीते साल से गर्भगृह का काम भी इसी दानी श्रद्धालु के सहयोग से करवाया जा रहा है। अब गर्भगृह की सजावट के लिए तीन किलो सोना और छह क्विंटल चांदी उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव भी मंजूर हो चुका है। मंजूरी के बाद यह सामग्री दुबई से मंदिर तक पहुंचेगी।

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