हिमाचल प्रदेश में आज से शुरू हुआ सप्ताह भर चलने वाला अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में विश्व प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव आज से धूमधाम से शुरू हो गया है। यह सप्ताह भर चलने वाला उत्सव 27 अक्टूबर त...

हिमाचल प्रदेश में आज से शुरू हुआ सप्ताह भर चलने वाला अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा

हिमाचल प्रदेश में आज से शुरू हुआ सप्ताह भर चलने वाला अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में विश्व प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव आज से धूमधाम से शुरू हो गया है। यह सप्ताह भर चलने वाला उत्सव 27 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें देव संस्कृति और लोक परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। इस भव्य आयोजन के लिए कुल्लू घाटी पूरी तरह से तैयार है, और देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक इस अनूठे पर्व का हिस्सा बनने के लिए पहुंच रहे हैं।

उत्सव का शुभारंभ भगवान श्री रघुनाथ जी की पारंपरिक रथ यात्रा के साथ हुआ। ढालपुर मैदान में आयोजित इस रथ यात्रा में सैकड़ों देवी-देवताओं की पालकियों को लाया गया, जिनके साथ उनके पुजारी और हजारों भक्त भी मौजूद थे। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज और जयकारों के बीच भगवान रघुनाथ जी का रथ खींचा गया, जो इस सात दिवसीय उत्सव की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक है।

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने इस रथ यात्रा में भाग लिया और शाम को लाल चंद प्रार्थी कला केंद्र में औपचारिक रूप से उत्सव का उद्घाटन किया। आकाशवाणी संवाददाता के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मनाली की अधिष्ठात्री देवी हिडिंबा सहित जिले के विभिन्न हिस्सों से देवी-देवता और उनके भक्त कुल्लू पहुंचना जारी है।

इस वर्ष के उत्सव में कई विशेष आकर्षण शामिल होंगे। सात दिवसीय इस महोत्सव के दौरान लेजर और ड्रोन शो दर्शकों के लिए खास रहेंगे। इसके अतिरिक्त, भारत और विदेशों से आए सांस्कृतिक दल विभिन्न प्रकार के प्रदर्शन प्रस्तुत करेंगे, जो पारंपरिक लोक कलाओं और सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करेंगे। यह आयोजन हिमाचल की समृद्ध विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

उत्सव के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 1,200 से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी आगंतुक सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से उत्सव का आनंद ले सकें। प्रशासन ने यातायात प्रबंधन और पार्किंग की भी व्यापक व्यवस्था की है।

अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा हिमाचल प्रदेश की समृद्ध देव संस्कृति और लोक परंपराओं का एक प्रमुख उत्सव है। यह न केवल स्थानीय लोगों के लिए आस्था का पर्व है, बल्कि यह देश और विदेश से पर्यटकों को आकर्षित कर राज्य के पर्यटन को भी बढ़ावा देता है। यह उत्सव हिमाचल की सांस्कृतिक पहचान का एक जीवंत प्रमाण है।