चंबा में केंद्र सरकार के खिलाफ सीटू का हल्ला बोल

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की समन्वय समिति के आहवान पर गुरूवार को सीटू से संबंधित विभिन्न यूनियनों ने केंद्र सरकार की मजदूर व किसान विरोधी नीतियों के खिल...

चंबा में केंद्र सरकार के खिलाफ सीटू का हल्ला बोल

चंबा में केंद्र सरकार के खिलाफ सीटू का हल्ला बोल

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की समन्वय समिति के आहवान पर गुरूवार को सीटू से संबंधित विभिन्न यूनियनों ने केंद्र सरकार की मजदूर व किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ मुख्यालय में रैली निकालने के साथ ही धरना-प्रदर्शन कर जमकर हल्ला बोला। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। इस प्रदर्शन की अगुवाई सीटू के जिला अध्यक्ष नरेंद्र व महासचिव सुदेश ठाकुर ने की। रैली को संबोधित करते हुए यूनियन नेताओं ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने चार लेबर कोड लागू करके मजदूरों को गुलामी की तरफ धकेल दिया है। यह सब पूंजीपतियों के मुनाफे के लिए किया जा रहा है, जिसे मजदूर वर्ग बर्दाश्त नही करेगा। उन्होंने मांग उठाई है कि तुरंत प्रभाव से इन लेबर कोड को रदद करें। और मजदूरों की लंबित मांगों को पूरा करने के लिए केंद्रीय ट्रेड यूनियन को वार्ता के लिए बुुलाए। रैली को आंगनबाडी यूनियन से मीना देवी, सीमा देवी, सरोज, मिड-डे मील से विपन, कौशल्या, बैरास्यूल से कुशल ठाकुर, चमेरा-दो से अयूब खान, चमेरा-तीन से संजय, तीसा हाइड्रो प्रोजेक्ट से चरण सिंह, चांजू हाइड्रो प्रोजेक्ट से प्रेम सिंह, 108-102 से सुनील कुमार ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने कहा कि यूनियन की मुख्य मांगों में आंगनबाडी वर्करों को नियमित करने के साथ ही केंद्र की ओर से मिलने वाले मासिक मानेदय की अदायगी सुनिश्चित बनाई जाए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक ग्रेच्युटी देने के साथ एफआरएस बंद किया जाएगा। मिड-डे मील वर्करों को बारह माह न्यूनतम वेतन के साथ ही छुट्टियां दी जाएं। एनएचपीसी के आउटसोर्स वर्करों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार समान काम का समान वेतन व रेगुलर किए जाए। हाइड्रो प्रोजेक्ट मे श्रम कानूनों को सख्ती से लागू किया जाए। 102-108 एंबुलेंस कर्मचारी को न्यूनतम वेतन व कानून के अनुसार सारी सुविधाएं दी जाए। एसबीआई आउटसोर्स कर्मचारियों की प्रताडना को बंद किया जाए। इसके अतिरिक्त स्मार्ट मीटर योजना बंद की जाए। वीबी-राम जी योजना बंद कर मनरेगा को बहाल किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर जल्द मांगों को पूरा न किया गया तो आगामी दिनों मे केंद्रीय ट्रेड यूनियन एक बडा आंदोलन आरंभ करेगा। इसकी सारी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।
ये-ये रहे मौजूद
इस विरोध में आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन, मिड-डे मील वर्कर यूनियन, एनएचपीसी बैरास्यूल, चमेरा एक व दो वर्कर यूनियन, चांजू हाइड्रो प्रोजेक्ट यूनियन, एसबीआई आउटसोर्स यूनियन, 102-108 कर्मचारी यूनियन, गिन्नी ग्लोबल वर्कर यूनियन तीसा आदि यूनियन ने हिस्सा लिया।