अदालत के आदेशों के बाद भी चौगान में चलता रहा कारोबार

रविवार सुबह से लेकर शाम तक बेरोक-टोक चला कारोबार  उच्च न्यायालय ने मिंजर मेले की अस्थायी मार्केट को 10 अगस्त को दोपहर तक उठाने के आदेश जारी कि...

अदालत के आदेशों के बाद भी चौगान में चलता रहा कारोबार

अदालत के आदेशों के बाद भी चौगान में चलता रहा कारोबार

रविवार सुबह से लेकर शाम तक बेरोक-टोक चला कारोबार 

उच्च न्यायालय ने मिंजर मेले की अस्थायी मार्केट को 10 अगस्त को दोपहर तक उठाने के आदेश जारी किए थे, लेकिन मार्केट 11 अगस्त को भी सजी रही। पुलिस की टीमें व्यापारियों को हटाते हुए नजर तो आईं, लेकिन चौगान में व्यापार फिर भी चलता रहा। रविवार सुबह से लेकर शाम तक बेरोक-टोक कारोबार चला। कारोबारियों से जब इस बावत बात की गई तो उनका कहना था कि प्रशासन ने उन्हें रविवार तक दुकानदारी करने के अनुमति दी है, जबकि उच्च न्यायालय के आदेश थे कि रविवार दोपहर तक चौगान से मार्केट हट जानी चाहिए। इस दिन कोई भी मार्केट को हटाने के लिए नहीं आया।

डोम के अलावा चौगान के खाली हिस्से में ठेकेदार फड़ी लगाने वालों से दिखे पर्ची काटते 

सोमवार को पुलिस की टीमें चौगान नंबर एक में दुकानें बंद करवाने के लिए पहुंचीं, डोम को खोलने का कार्य भी चला रहा। इस बीच सुबह से लेकर शाम तक चौगान में कारोबार थमा नहीं बल्कि लोग दुकानों में सामान खरीदते रहे और व्यापारी पैसे कमाते रहे। इसमें कहीं न कहीं प्रशासन की लापरवाही देखने को मिली। यदि रविवार को चौगान खाली करवाने के आदेश थे तो अस्थायी मार्केट क्यों नहीं हटाई गई। डोम के अलावा चौगान के खाली हिस्से में ठेकेदार फड़ी लगाने वालों से पर्ची काटते दिखे। 200 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक दुकानदारों की पर्ची काटी गई। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि चौगान को खाली करवाने के लिए एसडीएम की ड्यूटी लगाई थी।