पट्टिका गिरने से सरोल मेडिकल कॉलेज के निर्माण पर उठे सवाल

करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हो रहा सरोल स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज उद्घाटन से पहले ही सवालों के घेरे में आ गया है। भवन के मुख्य द्वार...

पट्टिका गिरने से सरोल मेडिकल कॉलेज के निर्माण पर उठे सवाल

पट्टिका गिरने से सरोल मेडिकल कॉलेज के निर्माण पर उठे सवाल

करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हो रहा सरोल स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज उद्घाटन से पहले ही सवालों के घेरे में आ गया है।
भवन के मुख्य द्वार की पट्टिका के गिरने और निर्माण कार्य में कथित खामियों के सामने आने से गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जिस परियोजना से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीदें जुड़ी थीं, वहां अब अनियमितताओं और घटिया निर्माण कार्य के आरोप चर्चा का विषय बन गए हैं। उद्घाटन से पहले ही सामने आई इन खामियों ने पूरी निर्माण प्रक्रिया और जिम्मेदार एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी अंगुली उठाई है।
सरोल में निर्मित पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के नए भवन के निर्माण में अब तक करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं। इस परियोजना की गति को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने 160 करोड़ रुपये की राशि जारी की थी। भवन का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए अलग से 25 करोड़ की राशि मंजूर की गई है। 20 एकड़ जमीन पर निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के नए भवन पर 550 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बावजूद इसके इसका लोगों को अभी तक कोई लाभ होता नजर नहीं आ रहा है। पहले चरण के तहत मेडिकल कॉलेज में आपातकालीन कक्ष, ओपीडी, 200 बिस्तर, विशेषज्ञों को रहने के लिए और बॉयज और नर्सिंग हॉस्टल का कार्य भी पूरा हो चुका है। भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। हैरानी की बात है कि अभी तक मेडिकल कॉलेज चंबा से सरोल शिफ्ट नहीं हो पाया है। ऐसे में अब मेडिकल कॉलेज सरोल के मुख्य द्वार पर अंकित मेडिकल कॉलेज का साइन बोर्ड के अक्षर उभर कर गिरना शुरू हो गए हैं।