किसानों को अब अपने परिवार का भरण पोषण करने की सताने लगी चिंता सूरी पंचायत के पल गांव में बहने वाले मैढ़ा नाले में रविवार को आई बाढ़ से लोगों...
सलूणी के मैढ़ा नाले में बाढ़ से फसल के साथ बह गए खेत
किसानों को अब अपने परिवार का भरण पोषण करने की सताने लगी चिंता
सूरी पंचायत के पल गांव में बहने वाले मैढ़ा नाले में रविवार को आई बाढ़ से लोगों के खेत भी बह गए। किसानों ने जो भी फसल बीजी थी, वह पूरी तरह बाढ़ में तबाह हो गई। किसान अपनी आंखों के सामने खेतों को बाढ़ में बहता देखकर कुछ भी नहीं कर पाए। उन्होंने पानी के तेज बहाव को देख खुद को बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों में शरण ली। प्रभावितों भीलो राम, कैलाश चंद, अमर सिंह, हरदयाल, रमेश कुमार, हरिंद्र कुमार और चमन लाल ने बताया कि खेतों में कड़ी मेहनत करके गोभी, आलू, फ्रासबीन और मक्की की फसल बीजी थी जो पूरी तरह से तबाह हो चुकी है। इसके साथ ही खेत भी नाले में आई बाढ़ के साथ बह गए। उनकी आजीविका का मुख्य साधन खेतों में तैयार होने वाली फसल पर निर्भर रहता था। अब उन्हें अपने परिवार का भरण पोषण करने की चिंता सताने लगी है।
पल गांव में दस से अधिक परिवारों के खेत हुए तबाह
पंचायत प्रधान किशन कुमार ने बताया कि पल गांव में दस से अधिक परिवारों के खेत तबाह हुए हैं। इसके बारे में उन्होंने प्रशासन को भी अवगत करवा दिया है। उन्होंने मांग की है कि प्रभावितों को जल्द आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। कार्यकारी एसडीएम अभिराय सिंह ठाकुर ने बताया कि नुकसान का जायजा लेने के लिए कानूनगो और पटवारी को मौके पर भेजा है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर प्रभावितों को सहायता प्रदान की जाएगी।