हिमाचल प्रदेश सरकार ने महर्षि वाल्मीकि कामगार आवास योजना का शुभारंभ किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को शिमला में इस योजना की घोषणा...
हिमाचल सरकार ने महर्षि वाल्मीकि कामगार आवास योजना की शुरुआत की
हिमाचल प्रदेश सरकार ने महर्षि वाल्मीकि कामगार आवास योजना का शुभारंभ किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को शिमला में इस योजना की घोषणा करते हुए बताया कि इसका उद्देश्य वाल्मीकि समुदाय के पात्र सफाई कर्मचारियों को पक्के मकान बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। यह पहल महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर की गई, जहां मुख्यमंत्री ने कृष्णा नगर स्थित भगवान वाल्मीकि मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को तीन लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस सहायता का लाभ उठाने के लिए कुछ पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं। परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए और उनके पास अपना कोई पक्का मकान नहीं होना चाहिए। यह योजना उन परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा बनेगी जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और अपने सपनों का घर बनाने की इच्छा रखते हैं।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर महर्षि वाल्मीकि को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक, साहित्यिक और आध्यात्मिक विरासत का एक महान प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि रामायण की रचना के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि ने मानवता को सत्य, न्याय, करुणा, त्याग और कर्तव्य का शाश्वत संदेश दिया है, जो आज भी समाज का मार्गदर्शन करता है।
सुक्खू ने जोर देकर कहा कि विकास तभी सार्थक होता है जब समाज के हर वर्ग को समान अवसर मिलें और कोई भी व्यक्ति सामाजिक या आर्थिक कठिनाइयों के कारण पीछे न छूटे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वाल्मीकि समुदाय के कल्याण और उत्थान के लिए लगातार प्रतिबद्ध है और इस दिशा में कई कदम उठा रही है।
योजना की घोषणा के साथ ही, मुख्यमंत्री ने कृष्णा नगर स्थित भगवान वाल्मीकि मंदिर के लिए 25 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की भी घोषणा की। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार कृष्णा नगर में लंबे समय से रह रहे सभी समुदायों के सम्मान और उन्हें समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार इन परिवारों और क्षेत्र के मकानों का सर्वेक्षण कराएगी और उनके कल्याण के लिए एक व्यापक योजना तैयार करने पर विचार करेगी।
यह योजना हिमाचल प्रदेश सरकार की सामाजिक न्याय और समानता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इससे वाल्मीकि समुदाय के सफाई कर्मचारियों को बेहतर जीवन जीने और सम्मानजनक आवास प्राप्त करने में मदद मिलेगी, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा।