पति-पत्नी की एक साथ घर से निकली अंतिम यात्रा

जिंदगी भर सुख-दुख के साथी रहे मोती राम और उनकी पत्नी बबली देवी की अंतिम यात्रा भी एक साथ निकली। दर्दनाक वाहन दुर्घटना में दोनों की मौत के बाद जब उनके...

पति-पत्नी की एक साथ घर से निकली अंतिम यात्रा

पति-पत्नी की एक साथ घर से निकली अंतिम यात्रा

जिंदगी भर सुख-दुख के साथी रहे मोती राम और उनकी पत्नी बबली देवी की अंतिम यात्रा भी एक साथ निकली। दर्दनाक वाहन दुर्घटना में दोनों की मौत के बाद जब उनके घर से एक साथ अर्थियां उठीं तो माहौल गमगीन हो गया। अपनों को खोने का दर्द परिजनों के साथ-साथ पूरे गांव की आंखों में साफ दिखाई दे रहा था।
घर के आंगन में रखी पति-पत्नी की पार्थिव देहों के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा रहा। हर कोई स्तब्ध था कि जो दंपति बुधवार रात तक सभी के साथ हंस-बोल रहा था। आज उनकी अंतिम यात्रा एक साथ निकल रही है। परिजनों की चीख-पुकार और सिसकियों ने माहौल को और अधिक भावुक बना दिया। अंतिम यात्रा शुरू होते ही गांव की गलियां गम में डूब गईं। परिजन और ग्रामीण नम आंखों से दोनों को अंतिम विदाई देने के लिए पीछे-पीछे चलते रहे। कई लोगों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। महिलाओं का विलाप और बच्चों की सिसकियां सुनकर हर किसी का दिल भर आया।

सबसे मार्मिक क्षण तब आया जब परिवार के बड़े बेटे ने पिता मोती राम को और छोटे बेटे ने मां बबली देवी को मुखाग्नि दी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। अपनों को अंतिम विदाई देते समय बेटों का दर्द साफ झलक रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि मोती राम और बबली देवी मिलनसार और सरल स्वभाव के थे। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और दिवंगत दंपति को श्रद्धासुमन अर्पित किए। एक साथ जीवन का सफर तय करने वाले इस दंपती की एक साथ निकली अंतिम यात्रा ने हर किसी को भावुक कर दिया। गांव में आज भी मातम पसरा है और लोग नम आंखों से उन्हें याद कर रहे हैं।