स्कूली बस्ते पर महंगाई का बोझ, 60 रुपये में मिल रही एक कॉपी

दो सालों में दोगुना हो गए कॉपियों के दाम, 300 से 500 रुपये में मिल रहा पूरा सेट स्टेशनरी की दुकानों में बढ़ने लगी खरीदारों की भीड़ शिमला। द...

स्कूली बस्ते पर महंगाई का बोझ, 60 रुपये में मिल रही एक कॉपी

स्कूली बस्ते पर महंगाई का बोझ, 60 रुपये में मिल रही एक कॉपी

दो सालों में दोगुना हो गए कॉपियों के दाम, 300 से 500 रुपये में मिल रहा पूरा सेट स्टेशनरी की दुकानों में बढ़ने लगी खरीदारों की भीड़
शिमला। दो सालों में स्कूली बच्चों की स्टेशनरी के दामों में भारी बढ़ोतरी हुई है। दो साल पहले जहां बाजारों में एक कॉपी का मूल्य 30 रुपये था वहीं अब यह बढ़कर 60 रुपये हो गया है। इसके साथ कॉपियों का एक सेट 300 से 500 रुपये तक बिक रहा है जिसमें 6 कॉपियां हैं। इसका कारण कागज के दामों में बढ़ोतरी होना भी बताया जा रहा।

बीते कई वर्षों से बच्चों की शिक्षा अभिभावकों के लिए महंगी पड़ रही है। साल दर साल हर चीज के दाम बढ़ रहे हैं। स्कूल खुलने के साथ ही शहर में स्टेशनरी की दुकानों के बाहर भीड़ लगना शुरू हो गई। अभिभावक बाजारों में अपने बच्चों के लिए किताबें, कॉपियां, पेन, पेंसिल, रबड़, कलर और ज्योमेट्री बॉक्स सहित अन्य सामग्री की खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि बाजारों में अभी कुछ स्कूलों की नए सत्र की किताबें नहीं आई हैं लेकिन लोग बाजारों में इनकी खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं।
राम बाजार और लोअर बाजार स्थित पुस्तक विक्रेताओं की दुकानों पर अभिभावक स्टेशनरी खरीद रहे हैं। इनमें कुछ सामग्री के दाम बढ़े हैं तो कुछ के घटे भी हैं। कॉपियों के दामों में 30 रुपये तक की बढ़ौतरी दर्ज की गई है। पेन पेंसिल पैकेट के दामों में भी बढ़ौतरी हुई है। बाजार में स्केच कलर पैकेट 30 रुपये, पेंसिल का पैकेट 30 से 50, एक जैल पैन 10 रुपये, क्रेऑन कलर पैकेट 50 रुपये, हाईलाइटर 30 रुपये, कवर रोल 40 रुपये, असाइनमेंट सीट पैकेट 30 से 40 रुपये और ज्योमेट्री बॉक्स 50 से 350 रुपये तक बिक रहा है। विक्रेता विशाल सूद ने बताया कि स्टेशनरी के सामान की मांग बढ़ी है। बच्चे और अभिभावक सामान की खरीदारी कर रहे हैं।