जमीन धंसने से गांव में संकट के बादल

डलहौजी के ककियाना में डर के साए में जी रहे 12 परिवार डलहौजी उपमंडल की ग्राम पंचायत शेरपुर के ककियाना गांव के रिहायशी क्षेत्र के निचले हिस्से में जम...

जमीन धंसने से गांव में संकट के बादल

जमीन धंसने से गांव में संकट के बादल

डलहौजी के ककियाना में डर के साए में जी रहे 12 परिवार

डलहौजी उपमंडल की ग्राम पंचायत शेरपुर के ककियाना गांव के रिहायशी क्षेत्र के निचले हिस्से में जमीन धंसने का क्रम लगातार जारी रहने से बारह परिवार डर के साए में रातें काटने को मजबूर होकर रह गए हैं। जमीन के लगातार धंसने से ग्रामीणों जमीन व पशुशालाएं ढह चुकी हैं, जबकि अब धीरे-धीरे मकानों में भी दरारें आनी आरंभ हो गई हैं। ग्रामीणों को सुरक्षित जगह शिफ्ट करने की सरकारी कवायद अभी तक फाइलों के फेर में फंसी हुई है। शेरपुर पंचायत के पूर्व उपप्रधान राजकुमार, मदन लाल, पवन कुमार, हंस राज, किशन चंद, टेक चंद व उत्तम चंद आदि का कहना है कि ककियाना गांव के निचले हिस्से में चौहड़ा-शेरपुर संपर्क मार्ग पर लगातार जमीन धंसने से बड़े-बड़े गड्ढे पड़ गए हैं, मगर अभी तक सरकार की ओर से भू-स्ख्लन की रोकथाम को लेकर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए हैं।

ग्रामीणों में सरकार व प्रशासन के खिलाफ खासी नाराजगी

इसके चलते गांव में रहने वाले दस-बारह परिवार डर के साए में जी रहे हैं। उन्होंने बताया कि डलहौजी के विधायक डीएस ठाकुर, पूर्व शिक्षा मंत्री आशा कुमारी व एसडीएम डलहौजी मौके का दौरा कर चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। इसके चलते ग्रामीणों में सरकार व प्रशासन के खिलाफ खासी नाराजगी है। उधर, एसडीएस डलहौजी अनिल भारद्वाज ने कहा कि सरकार की ओर से भूस्ख्लन से डर के गांवों से लोगों को शिफ्ट करने की रिपोर्ट मांगी थी। इस पर ककियाना गांव की रिपोर्ट भी सरकार को भेजी जा चुकी है। सरकारी आदेशों पर अगली कार्रवाई की जाएगी।