मिड-डे मील वर्कर यूनियन ब्लॉक कमेटी बनीखेत की बैठक परिधि गृह में हुई। इसकी अध्यक्षता जिला अध्यक्ष विपिन ने की। बैठक में सीटू जिला अध्यक्ष नरेंद्र मौजू...
शिमला में सचिवालय का घेराव करेंगे मिड-डे मील वर्कर
मिड-डे मील वर्कर यूनियन ब्लॉक कमेटी बनीखेत की बैठक परिधि गृह में हुई। इसकी अध्यक्षता जिला अध्यक्ष विपिन ने की। बैठक में सीटू जिला अध्यक्ष नरेंद्र मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि मिड-डे मील वर्कर्स आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। केवल 5000 रुपये मानदेय मिलता है। वह भी समय पर नहीं मिल रहा है। इस कारण घर का राशन, बच्चों की फीस, इलाज का खर्च, सामाजिक उतरदायित्व निभाना मुश्किल हो गया है। देश के बच्चों को कुपोषण से बचाते-बचाते खुद का परिवार कुपोषित हो रहा है। किसी तरह की छुट्टी नहीं है। हाईकोर्ट के 12 माह के निर्णय को लागू नहीं किया जा रहा है। पूरे शिक्षा विभाग में 12 माह का वेतन मिलता है लेकिन मिड-डे मील वर्करों के साथ अन्याय किया जा रहा है। 25 बच्चों की शर्त के चलते वर्कर्स को नौकरी छोड़नी पड़ रही है। उन्हें कोई सामाजिक सुरक्षा नहीं है। मिड-डे मील वर्कर्स को सेवानिवृत्ति के बाद किसी तरह की आर्थिक सहायता नहीं है, न ही पेंशन है। 22 जून को होने वाली प्रदेश व्यापी हड़ताल में मिड-डे मील वर्कर शामिल होंगे। सरकार मांगों को अनसुना कर रही है, इसलिए वर्करों ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। अध्यक्ष ने कहा की केंद्र सरकार ने हाल ही में पेश किए बजट में बढ़ोतरी नहीं की है। वर्करों को सरकार की ओर से घोषित 5000 रुपये वेतन नहीं मिल रहा है। केंद्र सरकार से मिलने वाले 1000 रुपये भी समय पर नहीं मिल रहे हैं। मांग की कि मिड-डे मील कर्मियों को 12 से 20 छुट्टियों की सुविधा दी जाए। साल में दो वर्दी दी जाएं, मल्टी टास्क भर्ती में मिड-डे मील कर्मियों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि मिड-डे मील वर्कर मांगों को लेकर 22 जून को पूरे हिमाचल में हड़ताल करेंगे और शिमला में सचिवालय का घेराव करेंगे।