10 पंचायतों के ग्रामीण, स्कूली बच्चे उफनते नाले में पत्थरों से होकर कर रहे राजकीय प्राथमिक पाठशाला कुडन और डलहौजी का रुख शिक्षा प्राप्त करने...
जान हथेली पर रख, बच्चे और ग्रामीण स्कूल जाने को मजबूर
10 पंचायतों के ग्रामीण, स्कूली बच्चे उफनते नाले में पत्थरों से होकर कर रहे राजकीय प्राथमिक पाठशाला कुडन और डलहौजी का रुख
शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यार्थी और ग्रामीण उफनते नाले, भूस्खलन ग्रस्त रास्ते और खड़ी चढ़ाई पार कर स्कूल पहुंचने के लिए मजबूर हैं। बीते दिनों हुई भारी बारिश से लोक निर्माण विभाग द्वारा बलेरा से कुडन के लिए निर्मित 30 मीटर सड़क बह गई है। अब हालात यह हैं कि 10 पंचायतों के ग्रामीण और स्कूली बच्चे उफनते नाले में पत्थरों और उभरे रास्तों से होकर ही राजकीय प्राथमिक पाठशाला कुडन और डलहौजी का रुख करते हैं। हैरानी की बात यह है कि पंचायत स्तर, लोक निर्माण विभाग और प्रशासन को कई बार अवगत कराने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
SDM डलहौजी अनिल भारद्वाज ने कहा कि मामला ध्यान में है और लोक निर्माण विभाग को जारी किए जाएंगे मार्ग बहाली के लिए दिशा-निर्देश
अभिभावक विजय कुमार, सुनील कुमार, इंदूबाला, दर्शना देवी, अनु देवी, प्रीतम, बाबू राम, सिंह राम और रत्न चंद ने बताया कि भारी बारिश के बाद स्कूल जाने का रास्ता पूरी तरह बह चुका है। कई बार उन्हें अपने बच्चों को स्कूल तक छोड़ना पड़ता है। बलेरा पंचायत के कोलसू, देलग, द्रम्मण, कुडन, रनहैट, चौंतडू और तलाई सहित अन्य गांवों के बच्चे इस उबड़-खाबड़ और पत्थरनुमा रास्ते से प्राथमिक पाठशाला कुडन पहुंचते हैं। कुडन प्राथमिक पाठशाला में 18 विद्यार्थी और प्री-प्राइमरी स्कूल में सात बच्चे शिक्षा प्राप्त करते हैं। एसएमसी अध्यक्ष सचिन कुमार ने बताया कि बीते दिनों हुई स्कूल प्रबंधन समिति की बैठक में मार्ग निर्माण को लेकर प्रस्ताव पारित कर शिक्षा विभाग को भेजा गया है। उधर, एसडीएम डलहौजी अनिल भारद्वाज ने कहा कि मामला ध्यान में है और लोक निर्माण विभाग को मार्ग बहाली के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।