बर्फबारी से बढ़ी मुसीबत, देश और दुनिया से कटा पांगी

भारी हिमपात से गाडिय़ों की थमी रफ्तार, ऊपरी क्षेत्रों में करीब एक फुट और किलाड़ में तीन से चार इंच हिमपात जनजातीय उपमंडल पांगी में मंगलवार को लगातार...

बर्फबारी से बढ़ी मुसीबत, देश और दुनिया से कटा पांगी

बर्फबारी से बढ़ी मुसीबत, देश और दुनिया से कटा पांगी

भारी हिमपात से गाडिय़ों की थमी रफ्तार, ऊपरी क्षेत्रों में करीब एक फुट और किलाड़ में तीन से चार इंच हिमपात

जनजातीय उपमंडल पांगी में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी बर्फबारी का दौर जारी रहा। मंगलवार को पांगी के ऊपरी क्षेत्रों में करीब एक फुट और मुख्यालय किलाड़ में तीन से चार इंच ताजा बर्फबारी रिकार्ड की गई है। पांगी में लगातार जारी असमायिक बर्फबारी ने घाटी के किसानों व बागबानों को मुश्किल में डाल दिया है। बर्फबारी के कारण पांगी के मुख्य सहित तमाम अंदरूनी संपर्क मार्गों पर वाहनों के पहिए थम गए हैं। बर्फबारी के कारण पांगी घाटी के कई हिस्सों में बिजली की तारें टूटने से अंधेरा पसर गया है। बर्फबारी के चलते समूची पांगी घाटी कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गई है। इसके चलते घाटी के लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए हैं। जानकारी के अनुसार मंगलवार सवेरे से ही पांगी के उपरी हिस्सों में बर्फबारी का दौर आरंभ हो गया। दोपहर बाद पांगी घाटी मुख्यालय में भी बर्फ गिरना आरंभ हो गई। इसके चलते पूरी पांगी घाटी बर्फ की सफेद चादर से ढक गई है। पांगी में मंगलवार दोपहर तीन बजे बाद बर्फबारी का दौर थमा है। हालांकि आसमान पर काले बादलों के डेरा जमाने से घाटी में मौसम का मिजाज अभी तक बिगड़ा हुआ था।

हिमपात से बागबानों व किसानों की बढ़ी दिक्कतें

दो दिन से लगातार हिमपात से सेब की फसल और आलू को नुकसान, सहमे किसान। उल्लेखनीय है कि पांगी घाटी में पिछले दो दिनों से लगातार बर्फबारी हो रही है। अक्तूबर माह के पहले हफ्ते में बर्फबारी होने से घाटी के किसानों व बागबानों को चिंता में डाल दिया है। बागबानों ने अभी तक बगीचों से सेब की फसल का 50 फीसदी तुड़ान करना बाकि हैं। बर्फबारी के कारण सेब के पेड़ एक ओर झुक गए हैं। ऐसे में बागबान सेब की फसल को हुए नुकसान से सिंहर उठे हैं। इसके साथ ही पांगी घाटी में बर्फबारी ने किसानों द्वारा खेतों में बोई आलू की फसल को भी बर्बाद कर दिया है। बहरहाल, जनजातीय उपमंडल पांगी में मंगलवार को दूसरे दिन भी बर्फबारी का दौर जारी रहा।