गड्ढों में गुम हुई रफ्तार, बदहाल सडक़ से परेशान चुराह के लोग

चुराह उपमंडल के नकरोड़-चांजू संपर्क मार्ग पर जखला से बघेईगढ़ तक सात किलोमीटर का हिस्सा बदहाल होने के कारण क्षेत्रवासियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ...

गड्ढों में गुम हुई रफ्तार, बदहाल सडक़ से परेशान चुराह के लोग

गड्ढों में गुम हुई रफ्तार, बदहाल सडक़ से परेशान चुराह के लोग

चुराह उपमंडल के नकरोड़-चांजू संपर्क मार्ग पर जखला से बघेईगढ़ तक सात किलोमीटर का हिस्सा बदहाल होने के कारण क्षेत्रवासियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। जगह-जगह गहरे गड्ढों, उखड़ी सडक़ और ऊबड़-खाबड़ सतह के कारण इस मार्ग पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सडक़ की स्थिति इतनी खराब है कि मात्र सात किलोमीटर की दूरी तय करने में लगभग एक घंटा लग जाता है। मार्ग से रोजाना दर्जनों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, लेकिन जर्जर सडक़ के कारण वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

दुर्घटनाओं की आशंका भी लगातार बनी हुई है। यह सडक़ क्षेत्र के प्रसिद्ध एवं प्राचीन काली माता मंदिर को भी जोड़ती है, जहां वर्षभर सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि सडक़ की खस्ता हालत के कारण मंदिर तक पहुंचना मुश्किल हो गया है, जिससे धार्मिक पर्यटन भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से सडक़ को पक्का करने की मांग उठाई जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उनका कहना है कि केवल पैचवर्क या अस्थायी मरम्मत से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पूरे मार्ग का स्थायी रूप से पक्का होना जरूरी है। क्षेत्रवासियों ने प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि जखला से बघेईगढ़ तक चांजू मार्ग को प्राथमिकता के आधार पर पक्का किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों, वाहन चालकों और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं बेहतर यातायात सुविधा मिल सके।