अस्पताल परिसर और बाजार डरा रहे लावारिस कुत्ते

शहर में लावारिस कुत्तों का आतंक अब इतना बढ़ गया है कि ये सिर्फ गलियों तक ही सीमित नहीं रहे बल्कि अस्पताल और बाजार में लोगों को डरा रहे हैं। इलाज करवान...

अस्पताल परिसर और बाजार डरा रहे लावारिस कुत्ते

अस्पताल परिसर और बाजार डरा रहे लावारिस कुत्ते

शहर में लावारिस कुत्तों का आतंक अब इतना बढ़ गया है कि ये सिर्फ गलियों तक ही सीमित नहीं रहे बल्कि अस्पताल और बाजार में लोगों को डरा रहे हैं। इलाज करवाने आए मरीजों और खरीदारी करने वाले लोग परेशान हैं। चंबा मेडिकल कॉलेज के परिसर में कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते देखे जा रहे हैं, जिससे मरीजों और तीमारदारों को डर लगने लगा है।
वहीं, शहर के मुख्य बाजार में सुबह और शाम के वक्त दर्जनों कुत्ते राहगीरों पर झपट पड़ते हैं, जिससे लोगों में भय और असुविधा का माहौल बना है। स्थानीय नगर परिषद को बार-बार इस मुद्दे पर शिकायतें मिल चुकी हैं, लेकिन अब तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला है।
नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन को जल्द ही इस पर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि शहरवासियों और पर्यटकों के बीच सुरक्षा का एहसास हो और लावारिस कुत्तों का आतंक कम किया जा सके।

ज़ब उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज जाते हैं तो बाहर कुत्ते झपट रहे हैं। एक ने तो पैर में काट लिया। अस्पताल के बाहर जाने से भी डर लगने लगा है। राजू मरीज
सुबह दुकान खोलते ही कुत्ते मंडराने लगते हैं। ग्राहक डर कर जल्दी निकल जाते हैं। कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। मोंटी
हर साल सैकड़ों लोग चंबा घूमने आते थे, लेकिन हाल ही एक बच्चे को कुत्ते ने काट लिया। अब दोबारा आने से पहले सौ बार सोचेंगे। उमेश शर्मा

लावारिस कुत्तों को तुरंत पकड़ा जाए और नसबंदी अभियान दोबारा शुरू किया जाए। अगर स्थिति यूं ही बनी रही, तो शहर की छवि और पर्यटन दोनों को नुकसान होगा। अभिषेक ठाकुर, स्थानीय निवासी

इस समस्या को लेकर कदम उठाए जाएंगे। पशुपालन विभाग के साथ मिलकर लावारिस कुत्तों टीकाकरण अभियान चलाने पर चर्चा की जाएगी। नीलम नैयर, अध्यक्ष, नगर परिषद