शहर के सुराड़ा वार्ड में जिंदगी संघर्ष बन चुकी है। हर रोज लोग किसी न किसी खतरे के साये में जी रहे हैं। ऊपर से झूलते बिजली के तार मानो हादसे का इंतजार...
सुराड़ा वार्ड, ऊपर करंट का साया, नीचे अव्यवस्था का जाल
शहर के सुराड़ा वार्ड में जिंदगी संघर्ष बन चुकी है। हर रोज लोग किसी न किसी खतरे के साये में जी रहे हैं। ऊपर से झूलते बिजली के तार मानो हादसे का इंतजार कर रहे हों।
सड़कों पर बेतरतीब खड़े वाहन रास्तों को निगल रहे हैं। गलियों में घूमते लावारिस कुत्तों के झुंड लोगों को डरा रहे हैं। विकास के वादे बीते पांच सालों में फाइलों से बाहर नहीं निकल पाए जबकि जमीनी हकीकत यह है कि वार्ड अब समस्याओं का ऐसा जाल बन चुका है जहां राहत की कोई सीधी राह नजर नहीं आती।नगर परिषद चंबा की शहर के हर वार्ड में पार्किंग स्थल बनाने की योजना सिरे नहीं चढ़ी है। इस कारण मोहल्लावासियों में नगर परिषद के प्रति रोष है। वार्ड वासियों के मुताबिक पार्किंग के अभाव में उन्हें वाहन सड़क के किनारे खड़े करने पड़ रहे हैं। मजबूरी में वाहन सड़क के किनारे खड़ा करते हैं तो इससे राहगीरों को आवाजाही में परेशानी होती है। वार्ड में कुत्तों के आतंक के कारण सुबह-शाम सैर पर निकलने वाले लोगों को परेशानियां ही उठानी पड़ रही हैं।
परिचर्चा
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बिजली के तारों के मकड़जाल से कब मुक्ति मिलेगी, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। जरा सी हवा चलने पर बिजली के तार घरों को छूने लगते हैं। बिजली के तारों का मकड़जाल हादसे को न्योता दे रहा है। - हैप्पी कुमार
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वार्ड में पार्किंग नहीं है। मजबूरी में लोगों को अपने वाहनों को सड़क के किनारे खड़ा करना पड़ता है। उन्हें वाहन चोरी होने का डर सताता रहता है। इतना ही नहीं, कुछ लोगों को वार्ड की संकीर्ण गति में ही अपने वाहन खड़े करने पड़ रहे हैं। - दीक्षांत जसरोटिया
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वार्ड में गलत जगह पर लगाया स्पीड ब्रेकर लोगों को चोटिल कर रहा है। तीखे मोड पर स्थापित स्पीड ब्रेकर से कई दोपहिया चालक गिर कर चोटिल हो चुके हैं। नप चंबा को बताने के बावजूद स्पीड ब्रेकर नहीं हटाए गए हैं।लावारिस कुत्तों के आतंक से वार्डवासी काफी परेशान हैं। ये लावारिस कुत्ते लोगों पर झपट कर उन्हें लहूलुहान भी कर चुके हैं। जगह-जगह पर इनके झुंड आम देखे जा सकते हैं। हाथ में डंडे लेकर बच्चों को स्कूल छोड़ने जाना पड़ता है। - चुन्नी लाल