प्रदेश में जनगणना-2027 को हरी झंडी, घर-घर जाकर जुटाई जाएंगी 33 अहम जानकारियां

हिमाचल प्रदेश में भारत की जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य सरकार ने मकान सूचीकरण और मकानों की गणना को लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी क...

प्रदेश में जनगणना-2027 को हरी झंडी, घर-घर जाकर जुटाई जाएंगी 33 अहम जानकारियां

प्रदेश में जनगणना-2027 को हरी झंडी, घर-घर जाकर जुटाई जाएंगी 33 अहम जानकारियां

हिमाचल प्रदेश में भारत की जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य सरकार ने मकान सूचीकरण और मकानों की गणना को लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस अधिसूचना के जारी होने के साथ ही जनगणना की शुरुआती प्रक्रिया को हरी झंडी मिल गई है। राज्यपाल द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार जनगणना नियम, 1990 के नियम 8 के तहत केंद्र सरकार की अधिसूचना को हिमाचल प्रदेश के ई-राजपत्र में प्रकाशित किया गया है। जनगणना 2027 के तहत नियुक्त जनगणना अधिकारी प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर मकानों और परिवारों से जुड़ी जानकारी एकत्र करेंगे। इस दौरान हर मकान के बारे में तय प्रश्नों के आधार पर विवरण लिया जाएगा।

जनगणना के तहत परिवार में रहने वाले सदस्यों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, लिंग, सामाजिक वर्ग सहित कुल 33 बिंदुओं पर विवरण दर्ज किया जाएगा। जनगणना कार्य के उद्देश्य से एक मोबाइल नंबर भी लिया जाएगा, जिसका उपयोग केवल आधिकारिक सूचना के लिए होगा। सरकार के अनुसार जनगणना से जुटाई गई यह जानकारी हिमाचल प्रदेश में भविष्य की योजनाओं, विकास कार्यों, आवास, पेयजल, सडक़, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं की योजना बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। यह पूरी प्रक्रिया जनगणना अधिनियम, 1948 के प्रावधानों के तहत की जाएगी और एकत्र की गई जानकारी को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।

जनगणना के दौरान मकान की बनावट, उसका उपयोग, मकान पक्का है या कच्चा, स्वामित्व की स्थिति, पीने के पानी की सुविधा, बिजली कनेक्शन, शौचालय, रसोई, खाना पकाने का ईंधन, इंटरनेट सुविधा, मोबाइल फोन, वाहन जैसे विषयों पर जानकारी ली जाएगी।