यिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी चंबा पार्थ जैन की अदालत ने सुनाया फैसला गृह निर्माण के लिए पड़ोसी महिला से ली रकम लौटाने से कर दिया था इन्कार गृह निर्म...
उधार के पैसे न चुकाने पर दो साल जेल, जुर्माना सहित देने होंगे 17.90 लाख रुपये
यिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी चंबा पार्थ जैन की अदालत ने सुनाया फैसला
गृह निर्माण के लिए पड़ोसी महिला से ली रकम लौटाने से कर दिया था इन्कार
गृह निर्माण के लिए पड़ोसी से 9 लाख 90 हजार रुपये का कर्ज लेकर चुकता न करने वाले पर न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी चंबा पार्थ जैन ने शिकंजा कस दिया है।
न्यायालय ने महिला को दोषी करार देते हुए दो साल की जेल और जुर्माना सहित 17,90,000 रुपये अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
जानकारी के अनुसार शहर के साथ लगते एक मोहल्ले की महिला ने अपनी पड़ोसी महिला को घर के निर्माण के लिए नवंबर 2015 में पहली बार 3,00,000 रुपये दिए थे। फिर जुलाई 2016 में 3,00,000 रुपये और उसके बाद अक्तूबर 2017 में 3,90,000 रुपये दिए। उन्होंने बताया कि तीनों बार उन्होंने अपने घर से पैसे दिए थे। इसकी एवज में महिला ने उन्हें अपने बैंक खाते के चेक दिए। समय पर पैसे लौटाने की बात भी कही लेकिन जब भी वह पैसे मांगने की महिला से बात करतीं तो वह अकसर टालमटोल करने लगी। बार-बार पैसे लौटाने की बात करने पर आखिरकार आरोपी ने पैसे वापस देने से साफ मना कर दिया। इसके बाद पीड़ित महिला ने आरोपी को कानूनी नोटिस जारी किया। महिला ने इसका जवाब देना भी मुनासिब न समझा। थक-हार कर महिला ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया गया है। न्यायालय ने आरोपी महिला को दोषी करार देते हुए दो साल की जेल और 17,90,000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में आरोपी को छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।