मवेशियों के लिए पानी का जुगाड़ करना सबसे बड़ी चुनौती विकास खंड सलूणी क्षेत्र के गुठांण, देवगाह प्रथम और सुखड़ा गांवों में चार दिन से पेयजल आपूर्ति...
सलूणी क्षेत्र में पेयजल के लिए 2 किमी की दौड़, तीन गांवों में पानी की आपूर्ति ठप
मवेशियों के लिए पानी का जुगाड़ करना सबसे बड़ी चुनौती
विकास खंड सलूणी क्षेत्र के गुठांण, देवगाह प्रथम और सुखड़ा गांवों में चार दिन से पेयजल आपूर्ति ठप है। ग्रामीण और उनके मवेशी रोजाना दो किलोमीटर दूर जाकर पानी भरने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गढ़ माता मंदिर से आने वाली 60 साल पुरानी पाइपलाइन में बाधा आने के कारण जल आपूर्ति ठप हो गई है। पाइपलाइन पुरानी होने की वजह से समस्या और जटिल हो गई है। ग्रामीण पर्स राम, ध्यान सिंह, कुलदीप कुमार, कमलेश कुमार, अभय सिंह, पीयूष कुमार, गौरव कुमार, गीता देवी और नीलमा देवी ने कई बार फीटर और अधिकारियों को सूचित किया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पानी की कमी से महिलाओं को घर का काम करने के साथ-साथ दूर जाकर पानी भरना पड़ रहा है। वहीं मवेशियों के लिए पानी जुटाना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता देवेंद्र राणा ने कनिष्ठ अभियंता को मौके पर भेजा और समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिए। ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र की 25 पंचायतों के लिए 55 करोड़ रुपये की जल योजना बनाई गई थी, लेकिन उनके गांवों तक इसका पानी नहीं पहुंचा।