राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 10 सरकारी महाविद्यालयों में नए दाखिलों पर रोक लगा दी है। ये ऐसे काॅलेज हैं, जिनमें विद्यार्थी संख्या 75 से कम है।&n...
75 से कम विद्यार्थी संख्या वाले 10 सरकारी कॉलेज होंगे बंद, पढ़ाई जारी रखने पर मिलेगा वजीफा
राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 10 सरकारी महाविद्यालयों में नए दाखिलों पर रोक लगा दी है। ये ऐसे काॅलेज हैं, जिनमें विद्यार्थी संख्या 75 से कम है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और उच्च शिक्षा संस्थानों में संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 10 सरकारी महाविद्यालयों में नए दाखिलों पर रोक लगा दी है। ये ऐसे काॅलेज हैं, जिनमें विद्यार्थी संख्या 75 से कम है। इनमें राजकीय महाविद्यालय टिक्कर, राजकीय डिग्री कॉलेज भलेई, राजकीय डिग्री कॉलेज कुकुमसेरी, राजकीय डिग्री कॉलेज कुपवी, आर्यभट्ट राजकीय डिग्री कॉलेज संधोल, राजकीय डिग्री कॉलेज मुल्थान, राजकीय डिग्री कॉलेज जैनगर, राजकीय डिग्री कॉलेज ननखड़ी, राजकीय डिग्री कॉलेज रोहाट और राजकीय डिग्री कॉलेज कोटली शामिल हैं। नौ कॉलेजों को उनके संबंधित जिला मुख्यालय स्थित सरकारी महाविद्यालयों के साथ जोड़ा जाएगा, जबकि लाहौल-स्पीति के राजकीय डिग्री कॉलेज कुकुमसेरी का विलय राजकीय डिग्री कॉलेज कुल्लू के साथ किया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग की अधिसूचना के अनुसार इन सभी संस्थानों में कुल छात्र संख्या 75 से कम है। इनमें सबसे कम आठ-आठ विद्यार्थियों वाले टिक्कर और भलेई कॉलेज हैं। कुकुमसेरी में 40, कुपवी में 46, संधोल में 47, कोटली में 50, मुल्थान में 59, ननखड़ी में 59, जैनगर में 61 तथा रोहाट में 70 विद्यार्थी नामांकित हैं। इन 10 संस्थानों में कुल 448 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। सरकार ने निर्णय लिया है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इन कॉलेजों में किसी भी कक्षा में नए प्रवेश नहीं किए जाएंगे।
सत्र 2025-26 में अध्ययनरत विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। उन्हें जिला मुख्यालयों अथवा निर्धारित कॉलेजों में समायोजित किया जाएगा। विद्यार्थियों को स्थानांतरण के कारण आर्थिक कठिनाई न हो, इसके लिए विशेष वित्तीय सहायता का भी प्रावधान किया गया है। जिला मुख्यालय स्थित कॉलेजों में अध्ययन जारी रखने वाले प्रथम और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को 5,000 रुपये प्रतिमाह वजीफा मिलेगा। इन 10 कॉलेजों के 319 प्रथम और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों पर सरकार को प्रतिवर्ष लगभग 1.91 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय वहन करना होगा। सबसे अधिक 50 पात्र विद्यार्थी रोहाट कॉलेज में हैं जबकि कुकुमसेरी में 35, जैनगर में 45, ननखड़ी में 41, मुल्थान में 38 और संधोल में 36 पात्र विद्यार्थी हैं। शिक्षा सचिव राजेश कंवर की जारी अधिसूचना के अनुसार नामांकन वाले संस्थानों में बिखरे संसाधनों को समेकित कर विद्यार्थियों को बड़े महाविद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं, अधिक विषय विकल्प, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं और शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। यह कदम उच्च शिक्षा संस्थानों के पुनर्गठन की व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।