चक्कीमोड़ का पहाड़ किया सुरक्षित, भारी बारिश में भी सुचारु रहेगा यातायात

परवाणू-सोलन हाईवे पर स्थित भूस्खलन-संवेदनशील चक्कीमोड़ के पहाड़ को सुरक्षित करने का कार्य पूरा हो गया है। निर्माण कंपनी एसआरएम ने यह काम किया है। कंपन...

चक्कीमोड़ का पहाड़ किया सुरक्षित, भारी बारिश में भी सुचारु रहेगा यातायात

चक्कीमोड़ का पहाड़ किया सुरक्षित, भारी बारिश में भी सुचारु रहेगा यातायात

परवाणू-सोलन हाईवे पर स्थित भूस्खलन-संवेदनशील चक्कीमोड़ के पहाड़ को सुरक्षित करने का कार्य पूरा हो गया है। निर्माण कंपनी एसआरएम ने यह काम किया है। कंपनी का दावा है कि इस बरसात में पहाड़ नहीं दरकेगा और यातायात बिना बाधा के चलेगा।
कंपनी अधिकारियों के अनुसार, पहाड़ को सुरक्षित करने के लिए डबल सुरक्षा कवच तैयार किए गए हैं। इसमें पहाड़ पर मैकमेश जाली लगाई गई है। साथ ही हाइड्रोजन ग्रीन शीट भी बिछाई गई है। इससे मिट्टी का कटाव और भूस्खलन रुक सकेगा। पहाड़ के ऊपरी हिस्से से आने वाले पानी की निकासी के लिए कंक्रीट की नाली बनाई गई है। इस पानी को पीवीसी पाइपों के जरिये सड़क किनारे नालियों तक पहुंचाया गया है। इससे जलभराव या कटाव नहीं होगा। हरे रंग की हाइड्रोजन ग्रीन शीट से चक्कीमोड़ की सुंदरता भी बढ़ गई है। पर्यटक अब यहां रुककर तस्वीरें खिंचवा रहे हैं।

वर्षों की चुनौती से राहत
चक्कीमोड़ का यह पहाड़ वर्ष 2023 से 2025 तक भारी बारिश में लगातार दरकता रहा था। इससे कई बार हाईवे कई दिनों तक बंद रहा। चक्कीमोड़ में पथरीली और मिट्टी वाली दो तरह की पहाड़ संरचनाएं हैं। हर साल मानसून में मिट्टी वाले पहाड़ से भारी मलबा सड़क पर आता था। इससे वाहन चालकों में भय बना रहता था।

कंपनी और एनएचएआई का दावा
यह पहाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सड़क निर्माण कंपनी के लिए लंबे समय से बड़ी चुनौती था। कंपनी अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि पहाड़ को थामना एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन आधुनिक तकनीकों से इसे सुरक्षित कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि इस बार भारी बारिश में भी चक्कीमोड़ पर यातायात प्रभावित नहीं होगा।

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