किहार अस्पताल में अनशन पर बैठे उपप्रधान, ग्रामीणों का मिला सहयोग

चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर शुरू किया अनशन सिविल अस्पताल किहार में चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पद...

किहार अस्पताल में अनशन पर बैठे उपप्रधान, ग्रामीणों का मिला सहयोग

किहार अस्पताल में अनशन पर बैठे उपप्रधान, ग्रामीणों का मिला सहयोग

चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर शुरू किया अनशन

सिविल अस्पताल किहार में चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर पंचायत उपप्रधान वीरेंद्र ठाकुर विकी अनशन पर बैठ गए हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि सिविल अस्पताल में रिक्त पदों को भरे जाने के बाद ही अनशन पर विराम लगाया जाएगा। जानकारी के अनुसार सिविल अस्पताल किहार में चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ के पद रिक्त होने से ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। हालात यह है कि सिविल अस्पताल में स्वीकृत चिकित्सकों के दस में से दस पद रिक्त चले हुए हैं। स्टाफ नर्स की दस में नौ पोस्टें खाली हैं। फार्मासिस्ट के दो और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पांच पद रिक्त पड़े हुए हैं। पिछले दिनों किहार पंचायत के उपप्रधान वीरेंद्र ने एसडीएम के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजकर सात दिनों के भीतर रिक्त पद न भरे जाने की सूरत में जनहित के मद्देनजर अनशन पर बैठने की दो टूक सुनाई थी। पंचायत उपप्रधान के अल्टीमेटम के बाद भी इन रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई। इसके चलते उपप्रधान ने रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर अनशन आरंभ कर दिया है। पंचायत उपप्रधान के अनशन को ग्रामीणों का भी भरपूर समर्थन हासिल हो रहा है।

चिकित्सकों और स्टाफ की कमी से मरीजों का बढ़ा मर्ज

बताते चलें कि पिछले दिनों सरकार ने सिविल अस्पताल किहार के नए भवन का लोकार्पण किया है। मगर अस्पताल में स्टाफ की तैनाती करना भूल गई है। अस्पताल में चिकित्सकों व स्टाफ की कमी के कारण मरीजों का मर्ज दोगुना होकर रह गया है। इलाके के लोगों को मजबूरन मंहगे खर्च पर उपचार के लिए बाहरी जगहों का रूख करना पड़ रहा है। बहरहाल, सिविल अस्पताल किहार में रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर पंचायत उपप्रधान ने अनशन आरंभ कर दिया है।