योजना के तहत हर साल एक नई कक्षा में शुरू होगा अंग्रेजी माध्यम हिमाचल प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। अगले साल के...
हिमाचल में अगले साल से छठी कक्षा में शुरू होगी अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई
योजना के तहत हर साल एक नई कक्षा में शुरू होगा अंग्रेजी माध्यम
हिमाचल प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। अगले साल के शैक्षणिक सत्र से राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में छठी कक्षा में भी अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू हो जाएगी। यह फैसला स्कूल शिक्षा निदेशालय ने लिया है और इसके लिए सभी जिला उप निदेशकों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यह पहल दरअसल एक लंबी योजना का हिस्सा है। वर्ष 2025-26 से ही राज्य में पहली से पांचवीं कक्षा तक अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई शुरू की गई थी। अब इस योजना के तहत हर साल एक नई कक्षा को इसमें जोड़ा जाएगा। इसका मतलब यह है कि 2030 तक हिमाचल के सरकारी स्कूलों में पहली से दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी तरह से अंग्रेजी माध्यम में होगी। इस बदलाव के लिए शिक्षा निदेशालय ने अंग्रेजी माध्यम की पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन के लिए भी संबंधित विभागों को निर्देश दे दिए हैं।
अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई से छात्रों को मिलेंगे बेहतर अवसर
शिक्षा निदेशक, आशीष कोहली, ने इस पहल के पीछे के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य छात्रों को भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के लिए बेहतर ढंग से तैयार करना है। उनका मानना है कि अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई से छात्रों को बेहतर अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही, सरकारी स्कूलों में नामांकन दर भी बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि माता-पिता अपने बच्चों को अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा के लिए निजी स्कूलों में भेजते हैं। इस बदलाव को लागू करने के लिए विभाग अलग से कोई नई शिक्षक भर्ती नहीं करेगा। इसके बजाय, जो शिक्षक पहले से पढ़ा रहे हैं, उन्हें ही विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। हालांकि, विभाग का यह भी कहना है कि TGT और प्रवक्ता स्तर के शिक्षक पहले से ही अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाने में सक्षम हैं। उन्हें सिर्फ इस नई प्रणाली के बारे में जानकारी दी जाएगी।
शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने और छात्रों को आधुनिक जरूरतों के हिसाब से तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास
शुरुआती तौर पर, विज्ञान (Science), गणित (Maths) और ड्राइंग जैसे विषय अंग्रेजी में पढ़ाए जाएंगे। छात्रों को सामाजिक विज्ञान (Social Studies) विषय को अंग्रेजी या हिंदी में से किसी एक माध्यम में चुनने का विकल्प दिया जाएगा। यह कदम हिमाचल प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने और छात्रों को आधुनिक जरूरतों के हिसाब से तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।