मुंबई में बजा हिमाचल का डंका! लाहौल के छोरे ने कर दिखाया कमाल, OTT पर अब पूरी दुनिया देखेगी जलवा

जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के छोटे से गांव नूकर के एक होनहार युवा अंशुल डोगरा ने मायानगरी मुंबई में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए ओटीटी की दुनिया में...

मुंबई में बजा हिमाचल का डंका! लाहौल के छोरे ने कर दिखाया कमाल, OTT पर अब पूरी दुनिया देखेगी जलवा

मुंबई में बजा हिमाचल का डंका! लाहौल के छोरे ने कर दिखाया कमाल, OTT पर अब पूरी दुनिया देखेगी जलवा

जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के छोटे से गांव नूकर के एक होनहार युवा अंशुल डोगरा ने मायानगरी मुंबई में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए ओटीटी की दुनिया में कदम रखा है। 6 मार्च को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई बहुप्रतीक्षित सीरीज हैलो बच्चों के तीसरे भाग में अंशुल मुख्य भूमिका निभाते हुए दिखाई दे रहे हैं। अंशुल (25) की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि प्रदेश के कला जगत में खुशी की लहर है। यह सीरीज प्रसिद्ध शिक्षक एवं 'फिजिक्स वल्लाह' के संस्थापक अलख पांडे के जीवन व संघर्ष पर आधारित है। उत्तर प्रदेश के अलख पांडे ने ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से देश के लाखों वंचित बच्चों का भविष्य संवारा है। अंशुल डोगरा इसी प्रेरणादायक कहानी के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में पर्दे पर अपनी अभिनय कला का प्रदर्शन किया है।

मीर चंद डोगरा और विमला डोगरा के घर जन्मे अंशुल एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके लिए यह सफर आसान नहीं था, लेकिन उनके माता-पिता के अटूट विश्वास ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया। अंशुल ने अपनी स्नातक की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित एआरएसडी (आत्मा राम सनातन धर्म) कॉलेज से पूरी की। अंशुल के अभिनय सफर की शुरूआत कॉलेज के दिनों में हो गई थी। उन्होंने एआरएसडी कॉलेज की ड्रामा सोसायटी से जुड़कर अपनी कला को निखारना शुरू किया। इसके बाद हिमाचल प्रदेश के थिएटर निर्देशक एवं प्रशिक्षक केहर सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में नाटकीय अभ्यास किया। केहर सिंह ठाकुर के कुशल प्रशिक्षण ने अंशुल को अभिनय की बारीकियों से रू-ब-रू कराया, जिससे उन्हें एक परिपक्व अभिनेता बनने में मदद मिली। 

2 अक्तूबर, 1991 को जन्मे अलख पांडे जब 11वीं कक्षा में थे, तब उन्होंने इलाहाबाद के एक शिक्षण संस्थान में प्रति माह 5000 रुपए पर ट्यूशन देना शुरू किया था। कुछ समय तक अलख ऑफलाइन ट्यूशन ही पढ़ाते रहे। वर्ष 2011 में हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग का अध्ययन करने गए, लेकिन अपने तीसरे वर्ष में विश्वविद्यालय छोड़ दिया। वर्ष 2016 में उन्होंने अपना यूट्यूब चैनल फिजिक्स वल्लाह शुरू किया और कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं और जेईई, नीट जैसी अखिल भारतीय परीक्षाओं और सीबीएसई और आईसीएसई की बोर्ड परीक्षाओं के लिए भौतिकी और रसायन विज्ञान के वीडियो अपलोड करना शुरू किया। 2019 में उन्होंने फिजिक्स वल्लाह की वैबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च की और 2020 में अपने यूट्यूब चैनल को एक भारतीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी कंपनी फिजिक्स वल्लाह में विलय कर लिया और आईआईटी-बीएचयू के पूर्व छात्र प्रतीक माहेश्वरी के साथ इसकी सह स्थापना की। फिजिक्स वल्लाह 2022 में भारत की छठी एडटेक यूनिकॉर्न बन गई। उनके चैनल के 10 मिलियन से अधिक सबस्क्राइबर हैं।

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