यात्रियों का कहना है कि खराब हालत में चल रहीं ये बसें सफर को बना देती हैं जोखिमभरा एचआरटीसी के चंबा डिपो की पुरानी और जर्जर बसें इन दिनों यात...
HRTC बसों के दरवाजे, खिड़कियां टूटीं, मजबूरी की यात्रा फिर भी जारी
यात्रियों का कहना है कि खराब हालत में चल रहीं ये बसें सफर को बना देती हैं जोखिमभरा
एचआरटीसी के चंबा डिपो की पुरानी और जर्जर बसें इन दिनों यात्रियों के लिए खतरे का सबब बनी हुई हैं। कई रूटों पर दौड़ रहीं इन बसों की हालत इतनी खराब है कि न तो खिड़कियों के शीशे सही सलामत हैं और न दरवाजे ठीक से बंद होते हैं। कई बसों में लाइटें काम नहीं करतीं और फटी हुई सीटें यात्रियों को बैठने से पहले ही डरा देती हैं। यात्रियों का कहना है कि खराब हालत में चल रहीं ये बसें सफर को जोखिमभरा बना देती हैं। चंबा-धुलारा, भरमौर, जम्मुहार, खज्जियार और भंजराडू सहित अन्य रूटों की बसों में कदम रखते ही डर लगता है, लेकिन विकल्प न होने के कारण लोग मजबूरी में इन्हीं बसों में सफर कर रहे हैं। भीड़ के समय यात्री घंटों खड़े-खड़े यात्रा करते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।
पहाड़ी और घुमावदार सड़कों पर चलने वाली इन बसों का कई वर्षों से न तो नियमित रखरखाव हुआ है और न ही समय पर हुई आवश्यक मरम्मत
यात्री नीरज शर्मा, सुशील कुमार, प्रताप ठाकुर, हितेश कुमार और संजय कुमार ने बताया कि पहाड़ी और घुमावदार सड़कों पर चलने वाली इन बसों में किसी भी छोटी तकनीकी खराबी के बड़े हादसे में बदलने की आशंका रहती है। कई वर्षों से इन बसों का न तो नियमित रखरखाव हुआ है और न ही समय पर आवश्यक मरम्मत। जर्जर बसें न केवल यात्रियों बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य वाहनों के लिए भी जोखिम पैदा करती हैं। नियमों के अनुसार ऐसी बसों का सड़क पर दौड़ना भी उचित नहीं है। यात्रियों की मांग है कि इन बसों को तुरंत बदला जाए या फिर पूरी तरह मरम्मत कर सुरक्षित बनाया जाए। डिपो में कई बसें काफी पुरानी हो चुकी हैं। जिन बसों में शीशे, दरवाजे और सीटें टूटी हैं, उनकी जल्द मरम्मत कर स्थिति सुधारी जाएगी। शुगल सिंह, डीडीएम, एचआरटीसी चंबा डिपो