रात्रि ठहराव न करने पर होटल संचालकों को मंदी से नहीं राहत विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजियार की वादियों में पर्यटकों के एक बार फिर दस्तक से स्थानीय...
अरसे बाद लौटी रौनक, खजियार पर्यटकों से गुलजार, कारोबारी खुश
रात्रि ठहराव न करने पर होटल संचालकों को मंदी से नहीं राहत
विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजियार की वादियों में पर्यटकों के एक बार फिर दस्तक से स्थानीय कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं। इन दिनों खजियार की स्वच्छ आवोहवा में दो पल सुकून के बिताने के लिए वादियां पर्यटकों की आवाजाही से गुलजार हो उठी है। रविवार को खजियार में पर्यटकों की आवाजाही से अरसे बाद रौनक देखने को मिली। उल्लेखनीय है कि बरसात के मौसम में बरपे प्राकृतिक आपदा के कहर के बाद पर्यटकों ने खजियार का रूख करना बंद कर दिया था। इससे खजियार का कारोबार बुरी तरह मंदी की चपेट में आ गया था। अब पर्यटकों की आवाजाही धीरे-धीरे बढऩे लगी है।
आगामी दिनों में उम्मीद है कि बर्फबारी होने के बाद काफी तादाद में यहां पहुंचेंगे पर्यटक
डलहौजी घूमने आने वाले पर्यटक अपना दिन खजियार के खुले मैदान में बिताने के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में खजियार के रेहडी-फड़ी व मंझले दुकानदारों का कामकाज चल पड़ा है। हालांकि पर्यटकों का रात्रि ठहराव खजियार में न होने से होटल कारोबारियों को मंदी की मार से निजात मिलती नहीं दिख रही है। स्थानीय होटल कारोबारियों की मानें तो भले ही खजियार में इन दिनों पर्यटक पहुंच रहे हैं, लेकिन वे रात्रि ठहराव के लिए नहीं रूक रहे हैं। इसके चलते होटल की आक्यूपेंसी की दर बीस से तीस फीसदी के बीच ही है। हालांकि होटल कारोबारियों को उम्मीद है कि आगामी दिनों में बर्फबारी होने के बाद काफी तादाद में पर्यटक यहां पहुंचेंगे, जिससे काम गति पकड़ेगा। खजियार के रेहडी-फडी व मंझले दुकानदारों का कहना है कि पर्यटकों की आवाजाही बढऩे से काम ने कुछ गति पकड़ी है। उन्होंने बताया कि खजियार में दिन के समय पर्यटकों के अलावा चंबा शहर से भी लोग पहुंच रहे हैं। इससे पिछले दो-तीन माह की मंदी से कुछ राहत मिलती नजर आ रही है।