कुल्लू का बेटा बना 23 जिंदगियों की ढाल, इराक के समुद्री क्षेत्र में जहाज की कमान संभाले हुए हैं रमन

खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले का एक बेटा समुद्र के बीच साहस और संयम की मिसाल बना हुआ है। कुल्लू क...

कुल्लू का बेटा बना 23 जिंदगियों की ढाल, इराक के समुद्री क्षेत्र में जहाज की कमान संभाले हुए हैं रमन

कुल्लू का बेटा बना 23 जिंदगियों की ढाल, इराक के समुद्री क्षेत्र में जहाज की कमान संभाले हुए हैं रमन

खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले का एक बेटा समुद्र के बीच साहस और संयम की मिसाल बना हुआ है। कुल्लू के जल्लुग्रां निवासी मर्चेंट नेवी के कैप्टन रमन कपूर इन दिनों इराक के अशांत समुद्री क्षेत्र फारस की खाड़ी में खड़े एक जहाज की कमान संभाले हुए हैं। जहाज पर उनके साथ 23 भारतीय नाविकों का दल सवार है, जिनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी इस समय उनके कंधों पर हर है। खाड़ी क्षेत्र में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। हवाई और समुद्री मार्गों पर भी असर पड़ा है। कैप्टन रमन कपूर ने बताया कि उनका जहाज इस समय इराक के समुद्री क्षेत्र में खड़ा है और उन्हें फिलहाल जहाज के साथ यहीं रुकने के निर्देश दिए गए हैं। हालात कब सामान्य होंगे और उन्हें यहां से आगे बढऩे की अनुमति कब मिलेगी, इस बारे में अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है। करीब 28 वर्षों के समुद्री अनुभव वाले कैप्टन रमन कपूर 90 से अधिक देशों की समुद्री यात्राएं कर चुके हैं।

उधर, कुल्लू में उनके घर पर परिवार की चिंताएं भी बढ़ गई हैं, लेकिन विश्वास और प्रार्थनाओं का सिलसिला जारी है। कैप्टन रमन कपूर ने हाल ही में भुंतर के कलैहली में अपना नया घर बनाया है। यहां उनकी पत्नी सारिका, बेटा सारांश और बेटी रेवोनिका रहते हैं। परिवार हर पल उनकी सुरक्षित वापसी के लिए दुआ कर रहा है। कैप्टन रमन कपूर का कहना है कि परिवार का विश्वास और प्रदेशवासियों की शुभकामनाएं उन्हें हर परिस्थिति में मजबूत बनाए रखती हैं। समुद्र के बीच खड़ा यह जहाज भले ही युद्ध जैसे हालात के साए में हो, लेकिन देवभूमि कुल्लू का यह बेटा 23 जिंदगियों की उम्मीद बनकर उनके साथ डटा हुआ है।