झमाझम बारिश के बीच मानसून ने हिमाचल में दी दस्तक, प्रदेश में सात दिनों के लिए अलर्ट

धुंध के कारण काफी कम विजिबिलिटी में चालकों को गाड़ियां चलाने में आ रही भारी दिक्कतें  झमाझम बारिश के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून ने हिमाचल प्रदेश...

झमाझम बारिश के बीच मानसून ने हिमाचल में दी दस्तक, प्रदेश में सात दिनों के लिए अलर्ट

झमाझम बारिश के बीच मानसून ने हिमाचल में दी दस्तक, प्रदेश में सात दिनों के लिए अलर्ट

धुंध के कारण काफी कम विजिबिलिटी में चालकों को गाड़ियां चलाने में आ रही भारी दिक्कतें 

झमाझम बारिश के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून ने हिमाचल प्रदेश में दस्तक दे दी है। शुक्रवार को शिमला सहित राज्य के कुछ भागों में मानसून ने प्रवेश किया। इस बार सात दिन पहले मानसून ने दस्तक दी है। बीते वर्ष मानसून ने 27 जून को प्रदेश में प्रवेश किया था। प्रदेश की राजधानी सहित अन्य भागों में झमाझम बारिश हो रही है। शिमला में सुबह से घनी धुंध छाई हुई है। धुंध के कारण विजिबिलिटी काफी कम है।इससे चालकों को गाड़ियां चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उधर, कांगड़ा-धर्मशाला मार्ग भारी बारिश से चेतडू  के पास भूस्खलन होने से बंद हो गया। सुबह करीब साढ़े आठ बजे से मार्ग बंद रहा। वाहनों को बाया शीला-औरा-सराह मार्ग से कांगड़ा भेजा गया। वहीं शिमला के जतोग छावनी क्षेत्र में  हटनी की धार के पास भूस्खलन के कारण मुख्य मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। भूस्खलन की चपेट में एक गाड़ी भी आई और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। 

स्कूल परिसर में भर गया पानी, बच्चों की मुश्किलें बढ़ीं

उधर, शहीद इंदर सिंह माध्यमिक पाठशाला पंडोह में पहली ही बरसात ने अव्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। स्कूल परिसर में बरसाती पानी भर जाने से विद्यार्थियों व शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।  बारिश के चलते स्कूल का मैदान और प्रवेश द्वार जलमग्न हो गया, जिससे बच्चों का आना-जाना मुश्किल हो गया। कई विद्यार्थियों को जूते उतारकर पानी में चलकर क्लासरूम तक पहुंचना पड़ा। 2023 में आई बरसात में भी पाठशाला का यही हाल था। अभी तक 2023 में टूटी हुई चार दीवारी नहीं लगी जिस कारण मैदान पूरा पानी में जलमग्न हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल मानसून की शुरुआत में यही स्थिति बनती है लेकिन अब तक जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है। अभिभावकों ने प्रशासन से जल्द से जल्द स्कूल प्रांगण में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने और चार दीवारी लगाने की मांग की है।