जनजातीय उपमंडल भरमौर की ग्राम पंचायत भरमौर के तीन गांव आजादी के करीब आठ दशक बीत जाने के बाद भी सडक़ सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। सडक़ सुविधा न होने के क...
सडक़ सुविधा नहीं, बीच रास्ते दम तोड़ रहे मरीज
जनजातीय उपमंडल भरमौर की ग्राम पंचायत भरमौर के तीन गांव आजादी के करीब आठ दशक बीत जाने के बाद भी सडक़ सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। सडक़ सुविधा न होने के कारण ग्रामीण आज भी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं को पीठ पर लादकर घर पहुंच रहे हैं। आपातकाल में स्थिति ओर भी बदत्तर हो जाती है जब मरीज को पालकी व पीठ पर लादकर मुख्य मार्ग तक पहुंचाना पड़ता है। कई मर्तबा समय पर चिकित्सीय सुविधा न मिलने से मरीज बीच रास्ते में दम तोड़ जाते हैं। ग्रामीणों के विभिन्न मंचों पर सडक़ सुविधा की मांग उठाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है।
ग्रामीण राजकुमार, अर्जुन कुमार, आकाश, पंकज, विनय कुमार, विजय, अनिल, राजेश, राकेश, इंदिरा व प्यार शर्मा का कहना है कि भरमौर पंचायत के खरिय्या, धरकौता और गोआ गांव अभी तक सडक़ सुविधा से जुडने का इंतजार है। उन्होंने बताया कि इन गांवों को सडक सुविधा से जोडऩे की मांग सरकार व प्रशासन के समक्ष कई बार उठाई जा चुकी है, लेकिन अभी तक केवल आश्वासन ही मिल पाए हैं। उन्होंने बताया कि सडक़ सुविधा न होने से यह गांवों विकास की दौड़ में भी पिछड़ते जा रहे हैं।
सडक़ न होने से लोगों को झेलनी पड़ रही दिक्कत
लोगों ने कहा कि सडक़ न होने का सबसे बड़ा खमियाजा इन गांवों में किसी के बीमार होने की सूरत में भुगतना पड़ता है। मरीज को कई किलोमीटर पैदल पीठ पर उठाकर मुख्य मार्ग तक पहुंचाना पड़ता है। उन्होंने सरकार व प्रशासन से ग्रामीणों की दिक्कतों को देखते हुए इन गांवों को सडक़ सुविधा से जोडऩे की दिशा में सकारात्मक कार्रवाई अमल में लाकर राहत प्रदान करने का आग्रह किया है।