जनजातीय क्षेत्र पांगी को प्राकृतिक खेती के तहत पहला रसायन मुक्त उपमंडल बनाने की दिशा में कृषि विभाग की ओर से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। विषयवाद विशे...
प्राकृतिक खेती की राह पर पांगी, तीस किसानों ने लिया विशेष प्रशिक्षण, सीखे मशरुम उगाने के गुर
जनजातीय क्षेत्र पांगी को प्राकृतिक खेती के तहत पहला रसायन मुक्त उपमंडल बनाने की दिशा में कृषि विभाग की ओर से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। विषयवाद विशेषज्ञ कृषि विभाग पांगी नरेश कुमार नायक ने बताया कि पांगी क्षेत्र के 30 किसानों को मशरूम उत्पादन एवं फसल कटाई उपरांत प्रबंधन (पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट) का विशेष प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए सीएसके हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर भेजा गया था। उन्होंने बताया कि किसानों ने विश्वविद्यालय में 22 से 28 अगस्त 2026 तक आयोजित सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को मशरूम उत्पादन की आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों के साथ-साथ फसलों के उत्पादन के बाद उनके उचित भंडारण, प्रसंस्करण तथा विपणन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पांगी क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढावा देने तथा किसानों की आय में वृद्धि करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्राकृतिक खेती के माध्यम से पांगी को पहला रसायन मुक्त उपमंडल बनाने के लक्ष्य की दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को लगातार जागरूक एवं प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान एवं आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर किसान स्थानीय स्तर पर मशरूम उत्पादन तथा कृषि उत्पादों के बेहतर प्रबंधन को अपनाकर आय के नए अवसर विकसित कर सकेंगे।