भरवाली गांव के ग्रामीण सडक़ सुविधा से वंचित विकट परिस्थितियों में जीवन यापन करने को मजबूर उपमंडल भरमौर की ग्राम पंचायत क्वारसी के भरवाली गांव के मरी...
चम्बा के भरमौर में नाले पर लकड़ी की पुलिया बना कर अस्पताल पहुंचाया मरीज
भरवाली गांव के ग्रामीण सडक़ सुविधा से वंचित विकट परिस्थितियों में जीवन यापन करने को मजबूर
उपमंडल भरमौर की ग्राम पंचायत क्वारसी के भरवाली गांव के मरीज को पालकी के जरिए उठा नाले को पार करवाया गया। वन विभाग के पुल की मुरम्मत न होने के चलते ग्रामीण नाले के उपर लकडिय़ों की अस्थाई पुली बनाकर मरीज को अस्पताल ले गए। जान जोखिम में डाल कर मरीज को ले जाते ग्रामीणों ने इस दौरान व्यवस्था पर भी अपना जमकर गुब्बार निकाला। बहरहाल सडक़ सुविधा से वंचित गांव भरवाली के ग्रामीण विकट परिस्थितियों में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। लिहाजा पंचायत ने भी वन विभाग से आग्रह किया है कि समय रहते क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत कर ग्रामीणों की राह को आसान बनाया जाए। जानकारी के अनुसार भरवाली गांव के लिए स्थानीय नाले पर वन विभाग ने पुल का निर्माण किया था। दो वर्ष पहले भरवाली नाले में बाढ़ आने के कारण पुल के दोनों छोर को नुकसान पहुंचा।
जान जोखिम में डाल कर ग्रामीण लकडिय़ों की अस्थाई पुली बनाकर मरीज को लेकर पहुंचे अस्पताल
जिससे ग्रामीणों की आवाजाही के लिए यह पुल बाधित हो गया। इस गांव के लिए अभी तक सडक़ भी नहीं है और करीब तीन किलोमीटर का सफर पैदल ही तय करना पड़ता है। रविवार को भरवाली गांव के रत्न चंद की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इस पर ग्रामीण पालकी पर मरीज को बिठा अस्पताल की ओर निकल पड़ेे। इस दौरान भरवाली नाले को पार करने के लिए ग्रामीणों ने किनारे पड़ी लकडिय़ों को इसके आर-पार होने के लिए बीच में डाला, जिस पर जान जोखिम में डाल कर ग्रामीण मरीज को लेकर आगे निकल पाए। ग्रामीणों का कहना है कि पुल की मरम्मत की मांग कई दफा उठा चुके हैं, लेकिन अभी तक काम नहीं हो पाया है। इसके चलते ग्रामीणों को बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात में लोग फंसकर रह जाते हैं। चूंकि नाले में जलस्तर बढ़ जाता है और इसे आर पार करना मुमकिन नहीं होता।
पंचायत प्रधान के बोल, नाले का जलस्तर बढऩे पर गांववासियों को एक प्रकार की कैद
ग्राम पंचायत क्वारसी की प्रधान सुरसा देवी ने बताया कि वन विभाग व प्रशासन से इस पुल की मरम्मत करने की मांग कई बार कर चुके हैं, लेकिन अभी तक काम नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि पंचायत ने इस बावत प्रस्ताव भी पारित कर भेजे हैं और व्यक्तिगत तौर पर भी प्रशासन व सरकार से पुल मरम्मत का आग्रह कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि नाले का जलस्तर बढऩे पर गांववासी कैद होकर रह जाते हैं।