गणतंत्र दिवस पर शिमला के रिज पर आयोजित परेड में इस वर्ष हिमाचल प्रदेश पुलिस की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। पहली बार प्रस्तुत की गई इस झांकी का मुख्य व...
गणतंत्र दिवस पर झांकी से नशा मुक्त हिमाचल का संदेश, सरकार के एंटी चिट्टा अभियान को जनता का मिल रहा समर्थन
गणतंत्र दिवस पर शिमला के रिज पर आयोजित परेड में इस वर्ष हिमाचल प्रदेश पुलिस की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। पहली बार प्रस्तुत की गई इस झांकी का मुख्य विषय एंटी चिट्टा अभियान रहा, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक करना और नशा मुक्त हिमाचल का संदेश देना था। झांकी में नशा विरोधी जागरूकता, युवाओं की भागीदारी, पुलिस की सख्त कार्रवाई और समाज के सहयोग को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और तालियों के साथ पुलिस के प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि एंटी चिट्टा वॉकथॉन और आज की झांकी से यह साफ है कि हिमाचल की जनता नशे के खिलाफ एकजुट है। पुलिस पूरी ऊर्जा से इस अभियान को आगे बढ़ा रही है और जनता भी उत्साहपूर्वक साथ दे रही है। गणतंत्र दिवस की झांकी ने हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता को सुंदर तरीके से दर्शाया है। हम सब मिलकर नशा मुक्त हिमाचल बनाएंगे और युवाओं को नशे के खतरे से बचाएंगे।
नशे के खिलाफ एकजुट
गणतंत्र दिवस पर प्रस्तुत हिमाचल पुलिस की यह झांकी न केवल एक सांस्कृतिक प्रदर्शन रही, बल्कि समाज को नशे के खिलाफ एकजुट होने का सशक्त संदेश भी दे गई। नशा मुक्त हिमाचल के संकल्प के साथ सरकार, पुलिस और जनता मिलकर इस सामाजिक बुराई के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लडऩे के लिए प्रतिबद्ध नजर आई।
युवाओं को सही दिशा में ले जाने के लिए मद्दगार
डीजीपी अशोक तिवारी ने कहा कि एंटी चिट्टा अभियान अब केवल पुलिस का नहीं बल्कि जनता का आंदोलन बन चुका है। परेड में झांकी को मिला समर्थन पुलिस के हौसले को और मजबूत करता है। प्रदेशभर में जागरूकता कार्यक्रम, सख्त कार्रवाई और युवाओं से संवाद को तेज किया जा रहा है, ताकि नशे की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके। लोगों ने नशा विरोधी संदेश की सराहना की और कहा कि ऐसे प्रयास युवाओं को सही दिशा देने में मददगार होंगे।