प्रदेश में वर्ष 2011 की जनगणना के आधार को मानते हुए पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव कराने की हो रही बात हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज संस्थाओं के चुन...
इस माह के अंत में जारी हो सकता है पंचायत चुनाव का शेड्यूल, राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारियां पूरी
प्रदेश में वर्ष 2011 की जनगणना के आधार को मानते हुए पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव कराने की हो रही बात
हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव का शेड्यूल इस महीने के अंत में जारी हो सकता है। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव की तैयारियां पूरी कर ली हैं। अब तक प्रदेश में वर्ष 2011 की जनगणना के आधार को मानते हुए पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव कराने की बात की जा रही है। वहीं, जिन जिलों में आपदा के चलते सड़कें खराब हैं, वहां चुनाव को आगे भी खिसकाया जा सकता है। प्रदेश सरकार वार्डों के पुनर्गठन की तैयारियों में जुटा है। इस प्रक्रिया में समय लग सकता है। हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं का कार्यकाल जनवरी 2026 में पूरा होने जा रहा है। प्रदेश सरकार का भी कहना है कि पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव समय पर ही होंगे। आयोग की ओर से भी जिला निर्वाचन अधिकारियों और उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपनी तैयारियां पूरी रखें।
विभाग की ओर से वार्डों के पुनर्सीमांकन का काम तकरीबन किया जा चुका है पूरा
इस महीने आयोग फैसला ले सकता है। वहीं, सरकार ने दावा किया है कि चुनाव की तैयारियां पूरी कर ली हैं। विभाग की ओर से वार्डों के पुनर्सीमांकन का काम भी तकरीबन पूरा किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि सरकार पहले ही स्थिति स्पष्ट कर चुकी है कि हिमाचल प्रदेश में नई पंचायतें नहीं बनेंगी। प्रदेश में वर्तमान में ग्राम पंचायतों की संख्या 3,577 है। यह संख्या नहीं बदलेगी। पंचायतीराज चुनाव में नया रोस्टर लगाया जाना है या फिर रोटेशन के आधार पर रोस्टर लागू किया जाए, इस पर निर्णय लिया जाना है। चूंकि सरकार को शिकायतें मिली हैं कि कई पंचायतें ऐसी हैं, जहां सीट महिलाओं के लिए ही आरक्षित चल रही है। ऐसे मामलों को भी सरकार देख रही है।