साहिल और विशाल का रिश्ता बचपन से सिर्फ रिश्तेदारी नहीं, एक-दूसरे का सहारा था। हादसे के बाद अस्पताल तक पहुंचते-पहुंचते भाई की गोद में ही साहिल ने आखिरी...
साथ चलते-चलते गोद में टूट गई जीवन की डोर
साहिल और विशाल का रिश्ता बचपन से सिर्फ रिश्तेदारी नहीं, एक-दूसरे का सहारा था। हादसे के बाद अस्पताल तक पहुंचते-पहुंचते भाई की गोद में ही साहिल ने आखिरी सांस ली।
कुछ ही पलों के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जो साथ जिंदगी भर की ताकत था, वही पल अब विशाल के लिए जिंदगी भर का सबसे भारी दर्द बन गया।
मेडिकल कॉलेज में छलकती आंखों के साथ ये शब्द साहिल के चचेरे भाई विशाल के मुंह से निकले। वह जोर-जोर से रोकर यही अलाप कर रहे थे कि अब वह किसके साथ अपनी खुशी और गम साझा करेंगे। वह चचेरा भाई था लेकिन दोनों में सगे भाइयों से भी ज्यादा प्यार था। उन्होंने कहा कि वह घायल साहिल को गोद में उठाकर कार से निकालकर अस्पताल ला रहे थे। इसी बीच उसने आखिरी सांस ली। अस्पताल में पहुंचने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विशाल ने कहा कि कोई भी कार्यक्रम हो या कहीं घूमने जाना हो तो दोनों हमेशा साथ ही जाते थे। एक-दूसरे के बिना कहीं नहीं जाते थे। शनिवार को भी दोनों भरमौर के चौरासी मंदिर में शिव नुआले में शिरकत करने गए थे। उन्हें क्या पता था कि यह उनका आखिरी साथ होगा।