सडक़ किनारे खड़े वाहन बने मुसीबत तेलका में पार्किंग की दरकार

उपतहसील मुख्यालय तेलका के मुख्य बाजार में पार्किंग सुविधा के अभाव से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सडक़ किनारे वाहन खड़े होने से अक्स...

सडक़ किनारे खड़े वाहन बने मुसीबत तेलका में पार्किंग की दरकार

सडक़ किनारे खड़े वाहन बने मुसीबत तेलका में पार्किंग की दरकार

उपतहसील मुख्यालय तेलका के मुख्य बाजार में पार्किंग सुविधा के अभाव से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सडक़ किनारे वाहन खड़े होने से अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे कारोबार प्रभावित होने के साथ-साथ राहगीरों की आवाजाही भी जोखिम भरी हो गई है। तेलका बाजार आठ पंचायतों का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रतिदिन खरीदारी, बैंक कार्य और अन्य जरूरी कामों के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, लेकिन पार्किंग न होने के कारण उन्हें वाहन बाजार से दूर खड़े करने पड़ते हैं। कई बार बसों की आवाजाही के दौरान जाम की स्थिति भी पैदा हो जाती है।
स्थानीय लोगों हनीफ मुहम्मद, रविंदर, धर्म सिंह, चमारू राम, अच्छरेश, बलवंत सिंह, राजिंदर कुमार, उत्तम सिंह और मुहम्मद भोटो ने प्रशासन और व्यापार मंडल से जल्द पार्किंग सुविधा विकसित करने की मांग की है, ताकि बाजार में यातायात व्यवस्था सुचारु हो सके।

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में बंदरों का बढ़ता आतंक लोगों के लिए गंभीर समस्या बनता जा रहा है। शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बंदरों के झुंड घरों, दुकानों और खेतों में घुसकर नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई स्थानों पर लोगों पर हमले और फसलों को भारी क्षति पहुंचने की शिकायतें सामने आई हैं। हाल के महीनों में बंदरों के हमलों में कई लोग घायल होने की घटनाएं भी दर्ज की गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदर घरों से खाने-पीने का सामान उठा ले जाते हैं और खेतों में मक्की, सब्जियों तथा फलों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। कई परिवारों ने प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों का अकेले बाहर निकलना भी जोखिम भरा हो गया है। लोगों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से बंदरों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।