चेतावनी बोर्ड पर लिखी चेतावनी भी खामोश, हर रोज मैली हो रही रावी नदी रावी की धार सिर्फ पानी नहीं बहा रही, बल्कि इंसानी लापरवाही का बोझ भी ढो रही है।...
रावी नदी का दम घोंट रहा कचरा, पानी ढो रहा लापरवाही का बोझ
चेतावनी बोर्ड पर लिखी चेतावनी भी खामोश, हर रोज मैली हो रही रावी नदी
रावी की धार सिर्फ पानी नहीं बहा रही, बल्कि इंसानी लापरवाही का बोझ भी ढो रही है। चेतावनी बोर्ड खड़े हैं मगर चेतना कहीं खो गई है।
चंबा-तीसा मार्ग पर राठघार से तत्वाणी तक नदी के किनारे कूड़े के ढेर ऐसे फैल रहे हैं, मानो सफाई अभियान नहीं, बल्कि गंदगी को खुली छूट मिली हो। एक दिन की रस्म अदायगी वाले अभियानों के बीच रावी हर रोज मैली हो रही है। कुल मिलाकर रावी नदी के समीप गंदगी हटाने के लिए व्यापक प्रयास नहीं हो पाए हैं।
चंबा। चंबा-तीसा मार्ग पर राठघार के पास गले कूड़े के ढेर सफाई अभियानों को मुंह चिढ़ा रहे थे। आसपास चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं लेकिन इन बोर्डों के समीप ही लगे कचरे के ढेर स्वच्छता अभियानों की पोल खोल रहे हैं। दिन : रविवार, समय : सुबह 11 बजे, स्थान : चंबा-तीसा मार्ग पर राठघार क्षेत्र। सामने कचरे का ढेर लगा है। यह कूड़ा रावी नदी में मिल रहा है। इससे रावी का पानी दूषित हो रहा है। समय 11:15 बजे। बालू बाजार के समीप भी ऐसे ही कूड़े के ढेर लगे हैं। 11:30 बजे संवाद की टीम तत्वाणी पहुंचती है। यहां भी रावी के किनारे कूड़े का अंबार लगा है। राठघार के समीप लोक निर्माण ने चेतावनी बोर्ड लगाया है। इसमें हिदायत दी है कि इस स्थान पर कचरा न फेंकें। इसमें कार्रवाई करने की बात भी कही है लेकिन सूचना बोर्ड का लोगों पर असर नहीं दिख रहा है। चेतावनी बोर्ड के पास ही कूड़े का ढेर लगा दिया गया है।
सार्थक नहीं हो रहे रावी को बचाने के प्रयास
प्रशासन की ओर से रावी नदी को साफ-सुथरा रखने के लिए अभियान चलाए जाते हैं मगर ये अभियान एक दिन तक ही सीमित रह जाते हैं। लिहाजा, रावी को कूड़े से बचाने के लिए सार्थक प्रयास नहीं हो पा रहे हैं। इस मामले को लेकर संबंधित विभाग को आदेश जारी किए जाएंगे। रावी नदी के किनारे कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।