राजधानी में पीने का पानी आठ फीसदी महंगा करने के फैसले पर शहर के कारोबारी भड़क गए हैं। कारोबारियों का कहना है कि आम जनता पर हर साल भारी भरकम बिलों का ब...
राजधानी में तीसरे दिन पानी, वह भी अब महंगा, कारोबारी भड़के
राजधानी में पीने का पानी आठ फीसदी महंगा करने के फैसले पर शहर के कारोबारी भड़क गए हैं। कारोबारियों का कहना है कि आम जनता पर हर साल भारी भरकम बिलों का बोझ डाला जा रहा है। इस साल भी पानी की दरों में आठ फीसदी बढ़ोतरी करना गलत है।
शिमला व्यापार मंडल का कहना है कि पेयजल कंपनी शहर में रोज पानी तो नहीं दे पा रही है, अब पानी के रेट बढ़ाकर जनता पर बोझ जरूर डाल रही है। राजधानी में बीते एक साल से पानी की राशनिंग चल रही है। शहर के ज्यादातर इलाकों में तीसरे दिन पानी आ रहा है। नगर निगम सदन में भाजपा के अलावा कांग्रेस के अपने पार्षद भी पानी की राशनिंग पर सवाल उठा चुके हैं। ऐसे में सरकार को शहर में पेयजल आपूर्ति दुरुस्त करने के निर्देश देने चाहिए थे लेकिन इसके उल्ट पानी की दरें बढ़ा दीं। शिमला व्यापार मंडल सचिव तरुण राणा ने कहा कि पानी की दरें बढ़ने का ज्यादातर असर कारोबारियों पर पड़ेगा। दुकानों, ढाबों और होटलों में पानी के व्यावसायिक कनेक्शन हैं जिनकी दरें काफी ज्यादा है। अब इन दरों में और बढ़ोतरी होने से कारोबारियों पर मार पड़ेगा। पर्यटकों की आमद घटने से शहर में पहले ही कारोबार मंदा चल रहा है। अब पानी, कूड़ा बिल और टैक्स बढ़ने से जेब ढीली होगी।