रास्ता ढहा तो जिंदगी ढांक पर उतर आई

बड़ेरु में भूस्खलन से सड़क बंद, मलबे और खाई के बीच जान जोखिम में डाल गुजरे राहगीर चट्टानें, पेड़ गिरने से बनीखेत-खैरी मार्ग बंद, रोजाना आने-जाने...

रास्ता ढहा तो जिंदगी ढांक पर उतर आई

रास्ता ढहा तो जिंदगी ढांक पर उतर आई

बड़ेरु में भूस्खलन से सड़क बंद, मलबे और खाई के बीच जान जोखिम में डाल गुजरे राहगीर


चट्टानें, पेड़ गिरने से बनीखेत-खैरी मार्ग बंद, रोजाना आने-जाने वालों को हुई परेशानी
सुबह तीन बजे भूस्खलन से थमी आवाजाही, मलबे के बीच पैदल गुजरने को मजबूर हुए लोग
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रात के अंधेरे में पहाड़ टूटा तो सुबह सड़क पर जिंदगी का रास्ता भी खतरे में पड़ गया। बनीखेत-खैरी मार्ग पर बड़ेरु के समीप भारी भूस्खलन ने सड़क को विशाल चट्टानों और पेड़ों से पाट दिया। सुबह रोजमर्रा के काम के लिए निकले लोगों को बंद सड़क के बीच से ही आगे बढ़ना पड़ा। कहीं चट्टानों का मलबा, कहीं पेड़ों का ढेर और दूसरी ओर गहरी खाई, ऐसे में राहगीरों ने कदम-कदम पर जान जोखिम में डालकर रास्ता पार किया। जरा सी चूक होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। सुबह के वक्त कामकाजी लोगों के साथ महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी इसी खतरनाक हिस्से से गुजरते नजर आए। करीब साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद छोटे वाहनों के लिए रास्ता बहाल हो सका।

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