चौहड़ा डैम के साथ लगते धाईनाला के जंगल में शुक्रवार सुबह लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। सुबह करीब आठ बजे अचानक जंगल में आग भड़क उठी और दे...
धाईनाला डैम से सटे जंगल में भड़की आग ने घंटों तक रोके वाहनाें के पहिये
चौहड़ा डैम के साथ लगते धाईनाला के जंगल में शुक्रवार सुबह लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। सुबह करीब आठ बजे अचानक जंगल में आग भड़क उठी और देखते ही देखते उसने विकराल रूप धारण कर लिया।
भीषण गर्मी, सूखे मौसम और तेज हवाओं के चलते आग तेजी से चीड़ के जंगल में फैलती चली गई। ऊंचे पेड़ों के बीच उठता धुएं का घना गुबार दूर-दूर तक दिखाई देता रहा जबकि आग की ऊंची लपटों ने आसपास के क्षेत्र को भयभीत कर दिया।
आग इतनी तेजी से फैली कि इसकी लपटें सड़क तक पहुंच गईं। हालात को देखते हुए कई घंटों तक सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। सड़क से गुजर रहे लोगों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की लेकिन तेज हवाओं के कारण आग लगातार फैलती रही। घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने में जुट गईं। हालांकि दमकल की गाड़ियां पहुंचने से पहले ही जंगल का बड़ा हिस्सा आग की चपेट में आ चुका था। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काफी हद तक काबू पाया गया लेकिन देर शाम तक जंगल के कई हिस्सों से धुआं उठता रहा और आग अंदर ही अंदर सुलगती रही। लगातार हो रही जंगलों में आग की घटनाओं ने पर्यावरण और वन्यजीवों पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। आग की चपेट में आकर बड़ी संख्या में पेड़-पौधे नष्ट हो रहे हैं, वहीं जंगली जानवर और पक्षियों का जीवन भी खतरे में पड़ गया है। कई वन्य जीव सुरक्षित ठिकानों की तलाश में जंगल छोड़कर यहां-वहां इलाकों की ओर भटकते नजर आ रहे हैं। जंगलों में बढ़ती आग के कारण क्षेत्र में गर्मी का असर भी लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ शरारती तत्व जानबूझकर जंगलों में आग लगा रहे हैं। उनका कहना है कि भलेई परिक्षेत्र में अब हर दूसरे दिन आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।