एसआईआर रोकने की मांग को लेकर उपायुक्त कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माक्र्सवादी) जिला कमेटी चंबा ने बुधवार को वामपंथी दलों के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्...

एसआईआर रोकने की मांग को लेकर उपायुक्त कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन

एसआईआर रोकने की मांग को लेकर उपायुक्त कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माक्र्सवादी) जिला कमेटी चंबा ने बुधवार को वामपंथी दलों के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को तत्काल रोकने, गलत तरीके से मतदाता सूची से बाहर किए गए नागरिकों के मतदान अधिकार बहाल करने तथा भारत निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता और स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान माकपा कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र और मतदान के अधिकार की रक्षा, मतदाता सूची में पारदर्शिता तथा निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता बहाल करने के समर्थन में नारेबाजी की। माकपा नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया तथा प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान के अधिकार पर टिकी है। ऐसे में मतदाता सूचियों में मनमानी, अपारदर्शिता अथवा पात्र नागरिकों के नाम हटाए जाने की आशंका गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि वामपंथी दलों ने 26 सितंबर से 2 अक्तूबर तक देशभर में विरोध कार्यक्रमों का आह्वान किया है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से एसआईआर रोकने, मतदाता सूची से गलत तरीके से बाहर किए गए लोगों के मतदान अधिकार बहाल करने तथा निर्वाचन आयोग के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई जा रही है। माकपा जिला कमेटी ने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों का महत्वपूर्ण अधिकार है। मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम उचित प्रक्रिया और पर्याप्त अवसर दिए बिना न हटाया जाए। पार्टी ने मतदाता सूची से हटाए गए नामों की निष्पक्ष जांच करने और पात्र पाए जाने वाले नागरिकों के मतदान अधिकार तत्काल बहाल करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने निर्वाचन आयोग की स्वायत्तता, निष्पक्षता, पारदर्शिता और संवैधानिक विश्वसनीयता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। माकपा नेताओं ने कहा कि निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर जनता का विश्वास लोकतंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। माकपा जिला कमेटी ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा और देशव्यापी कार्यक्रम के तहत आने वाले दिनों में भी इन मुद्दों को जनता के बीच उठाया जाएगा। प्रदर्शन में पार्टी जिला कमेटी सदस्य सुदेश, विपिन, रिझु राम, याकूब, जय सिंह, अशरफ, केवल, दिनेश, प्रीतम, नरेन और लेखराज सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।